IPS Y Puran Kumar case: IPS वाई पूरण कुमार मामले में सरकार और परिवार के बीच 7 घंटे की लंबी बातचीत, DGP हटाने का दबाव

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IPS Y Puran Kumar case:

चंडीगढ़, एजेंसियां। हरियाणा में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई पूरण कुमार की आत्महत्या के छह दिन बाद भी उनके परिवार को शव के पोस्टमार्टम के लिए सहमति नहीं मिल पाई। रविवार को हरियाणा सरकार और चंडीगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी अमनीत पी कुमार और उनके परिवार को मनाने में करीब सात घंटे व्यतीत कर चुके थे, लेकिन देर रात तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका। परिवार डीजीपी शत्रुजीत कपूर के खिलाफ सख्त कार्रवाई और उनके पद से हटाने की मांग पर अड़ा हुआ है।

सकर्मियों और अधिकारियों

सकर्मियों और अधिकारियों ने सुबह 9 बजे से ही अमनीत और उनके विधायक भाई अमित रतन के साथ बातचीत शुरू की। मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव तरुण भंडारी और सीआईडी चीफ सौरभ सिंह ने अमनीत को आश्वस्त करने की कोशिश की। अधिकारियों ने कहा कि नियमों और कानून के तहत कार्रवाई होगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि, अमनीत ने स्पष्ट किया कि डीजीपी पर कार्रवाई के बाद ही शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा।

इस बीच, सेक्टर-20 स्थित वाल्मीकि मंदिर में दो घंटे चली महापंचायत ने सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया। महापंचायत ने चेतावनी दी कि डीजीपी को हटाकर कार्रवाई नहीं की गई तो उग्र प्रदर्शन और चंडीगढ़ की सफाई व्यवस्था ठप कर दी जाएगी। इस दौरान राज्यपाल प्रोफेसर असीम घोष, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह, जजपा अध्यक्ष अजय चौटाला, पूर्व उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, भाजपा सांसद नवीन जिंदल समेत कई वरिष्ठ नेता अमनीत के घर पहुंचे और सांत्वना दी।

सरकार ने अमनीत और उनके भाई को दिया आश्वासन

सरकार ने अमनीत और उनके भाई को आश्वासन दिया कि दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। शनिवार को ही अमनीत की मांग पर एसपी का ट्रांसफर कर दिया गया। महापंचायत के दौरान दलित कार्यकर्ताओं का एक समूह पंजाब राजभवन जाने की कोशिश में मुख्य मार्ग पर आ गया, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोककर सर्विस रोड पर सीमित कर दिया। वहां कुछ समय तक नारेबाजी होती रही।

सरकारी अधिकारियों और परिवार के बीच हुई बैठक

सरकारी अधिकारियों और परिवार के बीच हर के बीच बैठकें चलती रहीं। सुबह सेक्टर-11 की कोठी में करीब तीन घंटे तक बातचीत हुई, जिसके बाद अमनीत और अमित सरकारी आवास सेक्टर-24 पहुंचे। दोपहर में 31 सदस्यीय कमेटी ने पोस्टमार्टम और कार्रवाई को लेकर स्पष्ट किया कि कोई सहमति नहीं बनी है। इसके बाद मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव तरुण भंडारी और अन्य अधिकारी कई दौर की बैठकें कर परिवार को मनाने का प्रयास करते रहे।

पोस्टमार्टम को लेकर नहीं बन पाई है सहमति

रात तक चलने वाले इन प्रयासों के बावजूद पोस्टमार्टम और डीजीपी पर कार्रवाई को लेकर अमनीत परिवार के साथ कोई अंतिम सहमति नहीं बन पाई। इस बीच, महापंचायत ने सरकार को अल्टीमेटम दिया और चेताया कि अगर 48 घंटे में डीजीपी को हटाकर कार्रवाई नहीं की गई, तो बड़े स्तर पर आंदोलन और प्रशासनिक गतिविधियों में बाधा डाली जाएगी।सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए परिवार को आश्वासन दिया है कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी होगी और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, अमनीत परिवार का रोष और मांगें अभी भी अडिग हैं।

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