Work pressure:
नई दिल्ली, एजेंसियां। आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में करियर की दौड़ में कई लोग अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देते हैं। 29 वर्षीय मोनिका चौधरी की कहानी इसी हकीकत को सामने लाती है। हेल्दी डाइट, सुबह-शाम की वॉक, योग, और तले-भुने खाने से दूरी—इन सभी उपायों के बावजूद उन्हें स्टेज-4 कैंसर हो गया।
क्या है मामला ?
मोनिका एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करती थीं और अपने स्वास्थ्य के प्रति बेहद सजग थीं। उनका मानना था कि एक संतुलित जीवनशैली से गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। लेकिन अत्यधिक वर्क प्रेशर, लगातार स्क्रीन टाइम, नींद की कमी और मानसिक तनाव ने उनकी सेहत पर गहरा असर डाला।
विशेषज्ञ के अनुसार
विशेषज्ञ बताते हैं कि मानसिक तनाव से शरीर में कोर्टिसोल जैसे हार्मोन अधिक मात्रा में बनने लगते हैं, जो इम्यून सिस्टम को कमजोर कर देते हैं। यही कारण है कि मोनिका जैसे फिट व्यक्ति को भी कैंसर जैसी गंभीर बीमारी ने जकड़ लिया।शुरुआत में मोनिका को हल्की थकान, सिरदर्द और भूख में कमी महसूस हुई जिसे उन्होंने नजरअंदाज कर दिया। समय के साथ वजन घटने, पेट दर्द और असहजता जैसे लक्षण बढ़ते गए। जब तक जांच हुई, तब तक कैंसर स्टेज-4 तक पहुंच चुका था।
डॉक्टरों और मोनिका की कहानी
डॉक्टरों और मोनिका की कहानी से यह साफ है कि केवल डाइट और एक्सरसाइज ही नहीं, मानसिक स्वास्थ्य भी उतना ही जरूरी है। रोजाना 7-8 घंटे की नींद, हर घंटे ब्रेक, योग, मेडिटेशन और समय-समय पर हेल्थ चेकअप ज़रूरी हैं।काम जरूरी है, लेकिन ज़िंदगी उससे भी ज्यादा। यह कहानी हर युवा को चेतावनी देती है कि तनाव को नज़रअंदाज न करें, वरना इसका अंजाम खतरनाक हो सकता है।
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