Cancer cases in India
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत में कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। हर साल देश में 15 लाख से ज्यादा नए कैंसर मरीज सामने आ रहे हैं। चीन और अमेरिका के बाद भारत अब दुनिया के उन शीर्ष देशों में शामिल हो गया है, जहां कैंसर के सबसे अधिक मामले दर्ज हो रहे हैं। चिंता की बात यह है कि युवाओं में भी कैंसर तेजी से बढ़ रहा है, जबकि अधिकतर मामलों में बीमारी की पहचान देर से होती है।
कैंसर के शुरुआती लक्षण सामान्य बीमारियों जैसे
डॉक्टरों के मुताबिक कैंसर के शुरुआती लक्षण अक्सर सामान्य बीमारियों जैसे होते हैं, जिस कारण लोग इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं। नतीजतन जब तक सही जांच होती है, तब तक कैंसर स्टेज-3 या स्टेज-4 तक पहुंच चुका होता है।
कैंसर के 3 शुरुआती लक्षण जिन्हें हल्के में न लें
- लगातार थकान और वजन घटना
बिना किसी वजह के लगातार थकान महसूस होना, वजन कम होना, अपच, पेट फूलना या पेट की आदतों में बदलाव अगर 2–3 हफ्ते से ज्यादा बने रहें, तो इसे उम्र या तनाव मानकर नजरअंदाज न करें और डॉक्टर से सलाह लें।
- बार-बार लौटने वाले चेतावनी संकेत
खांसी जो ठीक होकर फिर लौट आए, आवाज का बार-बार खराब होना या मल में खून आना जैसे लक्षण कई बार खुद ठीक हो जाते हैं, लेकिन अगर ये बार-बार हो रहे हैं तो यह कैंसर का संकेत हो सकता है।
- बिना दर्द की गांठ या सूजन
शरीर के किसी भी हिस्से में बिना दर्द की गांठ, खासकर ब्रेस्ट, गर्दन या टेस्टिकल्स में, गंभीर हो सकती है। इसके अलावा बिना कारण सूजन या ब्लीडिंग को भी हल्के में न लें। यह मानना गलत है कि दर्द नहीं है तो कैंसर नहीं हो सकता।
डॉक्टरों की सलाह
एंड्रोमेडा कैंसर हॉस्पिटल की सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. वैशाली जामरे के अनुसार, कैंसर से बचाव के लिए समय पर लक्षणों की पहचान बेहद जरूरी है। अगर कोई भी लक्षण लंबे समय तक बना रहे, तो तुरंत जांच कराना जान बचा सकता है।