Corona infection: कोरोना संक्रमण ने नसों को बना दिया बूढ़ा, बढ़ा हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा

Juli Gupta
3 Min Read

Corona infection:

नई दिल्ली, एजेंसियां। कोविड-19 ने न केवल फेफड़ों और इम्यून सिस्टम को प्रभावित किया है, बल्कि हमारी नसों और दिल की सेहत पर भी गंभीर प्रभाव डाला है। हाल ही में यूरोपियन हार्ट जर्नल में प्रकाशित एक महत्वपूर्ण रिसर्च में इस बात का खुलासा हुआ है कि कोरोना संक्रमित लोगों की नसें सामान्य से जल्दी बूढ़ी हो जाती हैं, जिससे हार्ट अटैक, स्ट्रोक और हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

रिसर्च के मुख्य तथ्य

इस अध्ययन में ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, यूरोप समेत 16 देशों के लगभग 2400 लोगों को शामिल किया गया था। रिसर्च में पाया गया कि कोविड-19 संक्रमित लोगों की आर्टरीज में लोच और लचीलापन कम हो गया है। यह नसों के उम्र बढ़ने का संकेत है। खासतौर पर कोरोना से ठीक हो चुके 40% लोगों की नसों की उम्र उनकी वास्तविक उम्र से 5 साल अधिक पाई गई है। इससे पता चलता है कि कोरोना का असर केवल बीमारी के समय ही नहीं, बल्कि ठीक होने के बाद भी शरीर पर बना रहता है।

कोरोना संक्रमण का नसों पर प्रभाव

कोरोना वायरस नसों के अंदर सूजन और डैमेज करता है, जिससे नसें कमजोर और कम लचीली हो जाती हैं। यह स्थिति ब्लड सर्कुलेशन को प्रभावित करती है और दिल पर अतिरिक्त दबाव डालती है। लंबे समय तक ऐसा रहने पर हार्ट अटैक, स्ट्रोक और अन्य गंभीर दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

दिल और नसों को स्वस्थ रखने के उपाय

संतुलित आहार लें, जिसमें फल, सब्जियां, ओमेगा-3 फैटी एसिड और फाइबर शामिल हों।
रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम या वॉक करें।
ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल को नियंत्रित रखें।
तनाव कम करने के लिए मेडिटेशन और ध्यान का अभ्यास करें।
कोरोना के बाद नियमित हेल्थ चेकअप करवाएं, खासकर नसों और दिल की जांच।

इस रिसर्च ने कोरोना के बाद दिल और नसों की सेहत पर ध्यान देने की जरूरत को और भी अहम बना दिया है। इससे बचाव के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाना और समय-समय पर जांच कराना आवश्यक है।

इसे भी पढ़ें

केरल में निपाह वायरस ने ली बच्चे की जान 

Share This Article
कोई टिप्पणी नहीं