यूपी में बड़ा कानूनी सुधार: 11 से ज्यादा कानूनों से हटेगा जेल का प्रावधान

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Major legal reform in UP:

लखनऊ, एजेंसियां। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ‘सुगम्य व्यापार (प्राविधानों का संशोधन) विधेयक, 2025’ के जरिए राज्य के 11 से अधिक पुराने कानूनों में व्यापक बदलाव करने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में इस विधेयक पर चर्चा हुई और अनावश्यक दंडात्मक प्रावधानों को हटाकर अधिक पारदर्शी और न्यायसंगत व्यवस्था लाने के निर्देश दिए गए।

इस फैसले का उद्देश्य Ease of Doing Business को और सशक्त बनाना है। प्रस्तावित विधेयक में आबकारी अधिनियम, भूगर्भ जल अधिनियम, गन्ना अधिनियम, वृक्ष संरक्षण अधिनियम, सिनेमा अधिनियम, नगर निगम अधिनियम, राजस्व संहिता और प्लास्टिक कचरा निस्तारण अधिनियम जैसे कानूनों में संशोधन किया जाएगा। जहां पहले जेल की सजा का प्रावधान था, वहां अब आर्थिक दंड या प्रशासनिक कार्रवाई को प्राथमिकता दी जाएगी।

योगी सरकार का दावा:

योगी सरकार का दावा है कि इस पहल से न केवल उद्योगों पर कानूनी बोझ कम होगा, बल्कि श्रमिकों के हित भी सुरक्षित रहेंगे। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, यह विधेयक उत्तर प्रदेश को देश का पहला ऐसा राज्य बना देगा जो इस पैमाने पर आपराधिक प्रावधानों को गैर-आपराधिक में बदलेगा। निरीक्षण प्रक्रिया में भी सुधार करते हुए “स्व-सत्यापन” और “थर्ड पार्टी ऑडिट” को बढ़ावा देने की योजना है।

सीएम योगी ने कहा:

सीएम योगी ने कहा कि श्रमिकों और उद्यमियों दोनों के लिए लाभकारी सुधार समय की मांग हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘श्रमेव जयते’ के मंत्र को आत्मसात करते हुए राज्य सरकार संतुलित नीति की ओर बढ़ रही है। जल्द ही विधेयक विधानसभा में पेश किया जाएगा।

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