Gold Sliver Price
नई दिल्ली, एजेंसियां। आज सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें गिरकर 5,165.73 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गईं, वहीं अप्रैल डिलीवरी के लिए अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 5,171.40 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करते दिखे। चांदी की कीमत में अधिक बदलाव नहीं हुआ और स्पॉट सिल्वर लगभग स्थिर होकर 85.82 डॉलर प्रति औंस पर रही।
डॉलर मजबूती और तेल की बढ़ती कीमतों का असर
अमेरिकी डॉलर में 0.2% की बढ़त ने कीमती धातुओं पर दबाव डाला। डॉलर मजबूत होने से सोना और चांदी जैसी डॉलर आधारित कमोडिटी अन्य मुद्राओं में महंगी हो जाती हैं, जिससे मांग घटती है। वहीं, कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी ने महंगाई के डर को और बढ़ा दिया। अमेरिका में फरवरी में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) 0.3% बढ़ा, जबकि सालाना महंगाई दर 2.4% रही।
महंगाई के आंकड़ों ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा जल्द ब्याज दर में कटौती की उम्मीदों को कमजोर किया है। इसके परिणामस्वरूप निवेशकों ने कुछ समय के लिए सोने से दूरी बना ली, क्योंकि बाजार में आमतौर पर एक समय में सुरक्षित निवेश को प्राथमिकता मिलती है।
बुलियन मार्केट का हाल
पिछले कुछ दिनों में सोने में लगातार उतार-चढ़ाव देखा गया है। एक दिन पहले सोना लगभग 0.3% गिरा था और आज कारोबार की शुरुआत में इसमें करीब 1% तक की गिरावट दर्ज की गई। चांदी की कीमतें भी मिश्रित रुझान के साथ बाजार में रही।ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, मेलबर्न स्थित वैंटेज मार्केट्स की विश्लेषक हेबे चेन का कहना है कि सोने में आई यह गिरावट कमजोरी नहीं बल्कि अस्थायी ठहराव का संकेत है। उनका मानना है कि महंगाई बढ़ने की आशंका ने डॉलर को मजबूत किया और इससे फेडरल रिजर्व द्वारा जल्द ब्याज दर घटाने की संभावना फिलहाल टली।
निवेशकों के लिए क्या संकेत
विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान बाजार में निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए। डॉलर मजबूत और तेल की कीमतें बढ़ने से सोने-चांदी की मांग पर दबाव पड़ सकता है, लेकिन यह लंबी अवधि में निवेश के लिए चिंता का विषय नहीं माना जा रहा है। अस्थायी गिरावट के बावजूद, सोना अभी भी सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में प्राथमिकता में है।








