‘मेरे बेटे को लोगों ने परेशान किया’, संजू सैमसन के पिता ने पुराने संघर्ष किए याद

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Sanju Samson

तिरुवनंतपुरम, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सेमसन के शानदार प्रदर्शन के बाद उनके पिता सेमसन विश्वनाथ ने बेटे के शुरुआती संघर्षों को याद किया। उन्होंने कहा कि करियर की शुरुआत में संजू को काफी आलोचना और तानों का सामना करना पड़ा था, जिससे परिवार भी परेशान रहा। हालांकि अब उन्हें उम्मीद है कि बेटे की सफलता के बाद लोग उन्हें परेशान नहीं करेंगे।

आलोचना और संघर्ष का दौर

संजू सैमसन के पिता ने कहा, “मैं अपने बेटे के प्रदर्शन से बेहद खुश हूं। लेकिन एक समय ऐसा भी था जब लोगों ने उसे काफी डिस्टर्ब किया और परेशान किया। उम्मीद है कि अब कुछ समय के लिए ऐसा नहीं होगा।”संजू सैमसन ने हाल ही में ICC Men’s T20 World Cup 2026 के अंतिम तीन मुकाबलों में शानदार बल्लेबाजी की और भारत को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ भी चुना गया।

बेटे के करियर के लिए छोड़ी नौकरी

संजू के पिता पहले दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत थे और खुद भी एक फुटबॉल खिलाड़ी रह चुके हैं। उन्होंने बताया कि संजू का बचपन दिल्ली में बीता, जहां उन्होंने पढ़ाई के साथ क्रिकेट की ट्रेनिंग भी ली।हालांकि, एक टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करने के बावजूद संजू का चयन अंडर-13 टीम में नहीं हुआ। इस फैसले से निराश होकर उनके पिता ने नौकरी से वीआरएस ले लिया और परिवार के साथ केरल लौट गए। वहां संजू को बेहतर प्रशिक्षण मिला और उन्होंने जूनियर स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी पहचान बनाई।

सैमसन विश्वनाथ ने कहा कि उन्हें अपने बेटे की प्रतिभा पर हमेशा भरोसा था। उनका मानना था कि अगर संजू को सही माहौल मिला तो वह आगे चलकर बड़ा खिलाड़ी बन सकता है।

केरल सरकार करेगी सम्मान

संजू सैमसन के शानदार प्रदर्शन के बाद पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाली केरल सरकार ने उनका सम्मान करने का फैसला किया है। राज्य के शिक्षा मंत्री वी शिवनकुट्टी ने घोषणा की कि राज्य सरकार इस उपलब्धि का जश्न मनाएगी और सैमसन को सम्मानित करेगी।मंत्री ने कहा कि संजू सैमसन की सफलता पूरे केरल के लिए गर्व की बात है। उनकी उपलब्धि से राज्य के हजारों युवा क्रिकेटरों को प्रेरणा मिलेगी।

संजू सैमसन की यह सफलता सिर्फ एक खिलाड़ी की उपलब्धि नहीं बल्कि संघर्ष, विश्वास और परिवार के समर्थन की कहानी भी है, जिसने उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

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