जानिए किस तारीख को मिलेगा पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त?

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PM Kisan Yojana

नई दिल्ली, एजेंसियां। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) योजना से जुड़े करोड़ों किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। लंबे इंतजार के बाद सरकार ने घोषणा कर दी है कि योजना की 22वीं किस्त 13 मार्च 2026 को किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। इस किस्त के तहत पात्र किसानों को सीधे 2,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

किसानों को सीधे मिलती है आर्थिक सहायता

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत सरकार किसानों को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक मदद देती है। यह राशि तीन किस्तों में किसानों के बैंक खातों में सीधे ट्रांसफर की जाती है। हर चार महीने में 2,000 रुपये की किस्त दी जाती है, जिससे किसानों को खेती से जुड़े खर्चों में मदद मिल सके।

इस योजना का उद्देश्य किसानों की आय को स्थिर बनाना और उन्हें बीज, खाद, कीटनाशक और अन्य कृषि जरूरतों के लिए आर्थिक सहयोग देना है। देशभर के करोड़ों किसान इस योजना का लाभ उठा रहे हैं।

आधार और बैंक खाते का लिंक होना जरूरी

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि योजना का लाभ पाने के लिए किसानों का आधार कार्ड बैंक खाते से लिंक होना जरूरी है। यदि किसी किसान की जानकारी अधूरी है या आधार और बैंक विवरण सही तरीके से अपडेट नहीं हैं, तो किस्त आने में देरी हो सकती है।इसलिए किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी जानकारी पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर समय-समय पर जांचते रहें। यदि किसी प्रकार की गलती पाई जाती है तो उसे तुरंत ठीक करवाना चाहिए, ताकि भुगतान में कोई समस्या न आए।

कार्यक्रम के दौरान जारी हो सकती है किस्त

हाल के दिनों में यह चर्चा थी कि 22वीं किस्त प्रधानमंत्री के किसी कार्यक्रम के दौरान जारी की जा सकती है। बताया जा रहा था कि प्रधानमंत्री 13 मार्च को असम के कोकराझार के दौरे पर रहेंगे, जहां कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन भी हो सकता है। इसी कार्यक्रम के दौरान किसानों के खातों में राशि ट्रांसफर किए जाने की संभावना जताई जा रही थी।
अब सरकार ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि कर दी है कि 13 मार्च को ही किसानों के खातों में 22वीं किस्त भेजी जाएगी। घोषणा के बाद किसानों के बीच खुशी का माहौल है।

2019 में शुरू हुई थी योजना

केंद्र सरकार ने किसानों को आर्थिक मदद देने के उद्देश्य से 24 फरवरी 2019 को पीएम किसान योजना की शुरुआत की थी। तब से अब तक करोड़ों किसानों को इस योजना के माध्यम से नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है, जिससे खेती से जुड़े खर्चों को पूरा करना उनके लिए आसान हो गया है।

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