Modi Lula meeting
नई दिल्ली, एजेंसियां। ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा के भारत दौरे के दौरान शनिवार को नई दिल्ली में अहम कूटनीतिक गतिविधियां देखने को मिलीं। राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत के बाद राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय बैठक की।
इस दौरान कई रणनीतिक और आर्थिक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।विदेश मंत्री स. जयशंकर ने भी ब्राजील के राष्ट्रपति से मुलाकात कर दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री मोदी और लूला दा सिल्वा की वार्ता से भारत-ब्राजील संबंधों को नई गति मिलेगी।
व्यापार और निवेश पर फोकस
भारत और ब्राजील ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। वर्ष 2025 में दोनों देशों के बीच व्यापार 15.21 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है, जिसमें 25 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। भारत का निर्यात 8.35 अरब डॉलर और ब्राजील से आयात 6.85 अरब डॉलर रहा।
वहीं ब्राजील में भारतीय निवेश 15 अरब डॉलर से अधिक आंका गया है।राष्ट्रपति लूला ने संकेत दिया कि व्यापार को 30-40 अरब डॉलर तक बढ़ाने की संभावना है। वे 260 ब्राजीलियाई व्यवसायियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत आए हैं, जो अंतरिक्ष, रक्षा, फार्मा और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं तलाश रहे हैं।
क्रिटिकल मिनरल्स पर समझौते की संभावना
बैठक में क्रिटिकल और रेयर अर्थ मिनरल्स पर अहम समझौते की संभावना जताई जा रही है। ब्राजील दुनिया के सबसे बड़े रेयर अर्थ भंडार वाले देशों में शामिल है, जिसके पास लगभग 21 मिलियन मीट्रिक टन का विशाल भंडार है। यह समझौता ग्लोबल सप्लाई चेन में विविधता लाने और हरित ऊर्जा संक्रमण को समर्थन देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा 18 से 22 फरवरी तक भारत के राजकीय दौरे पर हैं। प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बाद वे 22 फरवरी को दक्षिण कोरिया के लिए रवाना होंगे। दोनों देशों के बीच यह वार्ता वैश्विक मंच पर उभरती साझेदारी का संकेत मानी जा रही है।








