HIV data India: जानिए भारत के किस राज्य में हैं HIV के सबसे ज्यादा मरीज?

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HIV data India

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत में एचआईवी संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन देश के कुछ राज्य इस मामले में विशेष रूप से चिंताजनक स्थिति में हैं। बता दे मेघालय देश का सबसे अधिक एचआईवी प्रभावित राज्य बन चुका है, जहां 10 हजार से अधिक लोग लगातार इलाज करा रहे हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, संक्रमण की रोकथाम और इलाज के लिए वैज्ञानिक लगातार नई उपचार विधियों पर काम कर रहे हैं। इस बीच, दो बड़े अपडेट सामने आए हैं, जो मरीजों के लिए राहत देने वाले हैं।

मेघालय में स्थिति चिंताजनक

स्वास्थ्य मंत्री डब्ल्यू शिला ने बताया कि वर्तमान में राज्य में 10,293 लोग एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (ART) ले रहे हैं। पिछले दस वर्षों में 749 मौतें इस बीमारी से हुई हैं। मंत्री ने कहा कि एचआईवी और एड्स रोकथाम और नियंत्रण एक्ट के तहत गोपनीयता बनाए रखना, बिना सहमति टेस्ट न करना और दवा लेने के लिए मजबूर न करना बड़ी चुनौतियां हैं।

इसके साथ ही सामाजिक कलंक भी लोगों को टेस्टिंग और इलाज से दूर रख रहा है।मंत्री ने जोर देते हुए कहा कि एचआईवी लाइलाज नहीं है। इसका समय पर इलाज करने से मरीजों की जीवन गुणवत्ता बेहतर हो सकती है। सभी को यह समझना होगा कि सही दवा और नियमित निगरानी से रोगियों का जीवन सामान्य रूप से चल सकता है।

एचआईवी के लिए नई सिंगल-पिल दवा

वैज्ञानिकों ने एक नई टैबलेट ARTISTRY पेश की है, जिसमें बिक्टेग्राविर और लेनाकापाविर (BIC/LEN) शामिल हैं। फेज-3 क्लिनिकल ट्रायल में 550 से अधिक मरीजों पर इसका परीक्षण किया गया। परिणाम उत्साहजनक रहे, जिसमें 96% मरीजों में वायरल लोड कम हुआ। यह दवा रोजाना सिर्फ एक गोली लेने की सुविधा देती है और इसके गंभीर साइड-इफेक्ट्स नहीं देखे गए।

लेनाकापेविर इंजेक्शन: साल में दो डोज

दूसरा बड़ा अपडेट जिम्बाब्वे से आया है। वहां लेनाकापेविर का इंजेक्शन उपयोग में लाया जा रहा है, जो साल में सिर्फ दो बार लेने वाला प्री-एक्सपोजर प्रोफिलैक्सिस (PrEP) है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह लंबे समय तक असर देने वाला विकल्प है, खासकर उन मरीजों के लिए जो रोजाना कई दवाएं लेते हैं या जिनमें दवा प्रतिरोध विकसित हो चुका है। इसका प्रभाव लगभग 99% पाया गया है।

इस तरह, मेघालय में एचआईवी संक्रमण के मामले उच्च स्तर पर होने के बावजूद नए उपचार विकल्प मरीजों के जीवन को सरल और सुरक्षित बनाने में मदद कर रहे हैं। नियमित टेस्टिंग और इलाज से संक्रमण पर नियंत्रण संभव है।

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