Kaziranga Tiger Reserve: काजीरंगा टाइगर रिजर्व बना फिशिंग कैट का मजबूत गढ़

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Kaziranga Tiger Reserve:

दिसपुर, एजेंसियां। एक सींग वाले गैंडे और बाघों के लिए विश्वप्रसिद्ध Kaziranga National Park से वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक और उत्साहजनक खबर सामने आई है। हालिया वैज्ञानिक मूल्यांकन में काजीरंगा टाइगर रिजर्व में लगभग 57 फिशिंग कैट (मछली पकड़ने वाली बिल्ली) की मौजूदगी दर्ज की गई है। यह संख्या ब्रह्मपुत्र के बाढ़ वाले मैदानों में इस प्रजाति की सबसे उल्लेखनीय उपस्थिति में से एक मानी जा रही है।

आर्द्रभूमि के स्वास्थ्य का संकेत

विशेषज्ञों के अनुसार, फिशिंग कैट की बड़ी संख्या इस बात का प्रमाण है कि काजीरंगा की आर्द्रभूमि (वेटलैंड) पारिस्थितिकी तंत्र स्वस्थ और संतुलित है। यह प्रजाति उथले बील, दलदली क्षेत्र, गीले घास के मैदान और ऊंचे टापूनुमा भूभाग पर निर्भर करती है। हर साल आने वाली बाढ़ के दौरान यही क्षेत्र इनके लिए सुरक्षित आश्रय बनते हैं।
वन अधिकारियों का कहना है कि ब्रह्मपुत्र नदी के फ्लडप्लेन लैंडस्केप की पारिस्थितिक अखंडता ही इस दुर्लभ प्रजाति को टिकाए हुए है। असमिया लोककथाओं में “मेसेका” नाम से जानी जाने वाली फिशिंग कैट को स्वस्थ वेटलैंड का प्रतीक माना जाता है।

वैश्विक स्तर पर संकटग्रस्त प्रजाति

फिशिंग कैट को अपनी अधिकांश प्राकृतिक सीमा में आवास क्षरण, शिकार और मानव हस्तक्षेप के कारण खतरे का सामना करना पड़ रहा है। दक्षिण-पूर्व एशिया के कुछ हिस्सों जैसे वियतनाम और जावा द्वीप में इसके विलुप्त होने की खबरें भी सामने आई हैं। ऐसे में दक्षिण एशिया के नदीय बाढ़ क्षेत्र इनके अस्तित्व के लिए बेहद अहम बन गए हैं।
यह आकलन पूरे भारत में चल रहे व्यापक वैज्ञानिक अध्ययन का हिस्सा है और भविष्य की निगरानी के लिए एक आधाररेखा प्रदान करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन और नदियों के प्रवाह में बदलाव के दौर में फिशिंग कैट मीठे पानी के पारिस्थितिकी तंत्र की सेहत का भरोसेमंद संकेतक बनकर उभरी है।

संरक्षण प्रयासों को मिला बल

असम के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री चंद्र मोहन पटवारी ने इस उपलब्धि को राज्य में वेटलैंड संरक्षण प्रयासों की सफलता बताया। वहीं काजीरंगा टाइगर रिजर्व की निदेशक डॉ. सोनाली घोष ने कहा कि ब्रह्मपुत्र के बाढ़ मैदानों में यह प्रजाति एक “पारिस्थितिक प्रहरी” की भूमिका निभा रही है। विशेषज्ञों ने वेटलैंड संरक्षण, बाढ़ प्रबंधन और मानव हस्तक्षेप को नियंत्रित करने पर निरंतर ध्यान देने की आवश्यकता जताई है। काजीरंगा में फिशिंग कैट की मजबूत मौजूदगी न केवल जैव विविधता के लिए सकारात्मक संकेत है, बल्कि यह दर्शाती है कि सही संरक्षण नीति से संकटग्रस्त प्रजातियों को सुरक्षित भविष्य दिया जा सकता है।

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