Karnataka High Court
बेंगलुरु, एजेंसियां। दुष्कर्म के एक मामले की सुनवाई के दौरान ने अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि कानून ‘दिल टूटने’ को अपराध नहीं मानता। अदालत ने स्पष्ट किया कि अगर दो वयस्क अपनी मर्जी से लंबे समय तक रिश्ते में रहते हैं और आपसी सहमति से संबंध बनाते हैं, तो बाद में शादी से इनकार करना अपने आप दुष्कर्म नहीं बन जाता।
यह टिप्पणी न्यायमूर्ति M. Nagaprasanna की पीठ ने एक दुष्कर्म मामले की सुनवाई के दौरान की। अदालत ने कहा कि ऐसा होना नैतिक रूप से गलत या दुखद हो सकता है, लेकिन कानून की नजर में हर ऐसे मामले को अपराध नहीं माना जा सकता।
क्या था पूरा मामला?
मामला एक महिला की शिकायत से जुड़ा है। महिला ने एक व्यक्ति पर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। दोनों की मुलाकात आयरलैंड में हुई थी और वे करीब दो साल तक रिश्ते में रहे। इस दौरान दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में भी रहे। महिला पहले से शादीशुदा थी और उसकी शादी में समस्याएं चल रही थीं। उसका सात साल का एक बच्चा भी है। आरोप है कि बाद में जब आरोपी भारत लौट आया तो उसने महिला से संपर्क करना बंद कर दिया और शादी से इनकार कर दिया। इसके बाद महिला ने भारत में उसके खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया।
कोर्ट ने जांच में पाया
सुनवाई के दौरान अदालत ने शिकायत और उपलब्ध तथ्यों की जांच की। कोर्ट ने पाया कि दोनों वयस्क थे और उनके बीच संबंध आपसी सहमति से बने थे। शिकायत में जबरदस्ती या हिंसा का आरोप भी नहीं था। इसी आधार पर अदालत ने कहा कि यदि बाद में कोई पुरुष शादी से इनकार कर देता है तो इसे सीधे तौर पर दुष्कर्म नहीं कहा जा सकता।
‘दिल टूटने’ वाली टिप्पणी क्यों
अदालत ने कहा कि यह मामला हिंसा या जबरदस्ती का नहीं बल्कि रिश्ते में विश्वास टूटने का है। कोर्ट के अनुसार कानून हर टूटे रिश्ते को आपराधिक मामला नहीं मानता और ऐसे मामलों में आपराधिक कानून का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए।
शादी के झूठे वादे पर क्या कहा कोर्ट ने?
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि शादी का वादा तभी आपराधिक माना जाएगा, जब शुरुआत से ही व्यक्ति का शादी करने का इरादा न हो और वह केवल धोखा देकर शारीरिक संबंध बनाने के लिए वादा करे। लेकिन अगर बाद में परिस्थितियां बदल जाएं, परिवार का विरोध हो या रिश्ते में मतभेद हो जाएं, तो इसे शुरुआत से धोखा नहीं माना जाएगा। इसी आधार पर अदालत ने इस मामले में दर्ज शिकायत पर आगे की जांच को रद्द कर दिया।








