Kakinada blast news: काकीनाडा की पटाखा यूनिट में जोरदार विस्फोट, 10 से अधिक लोग घायल

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Kakinada blast news:

अमरावती, एजेंसियां। आंध्र प्रदेश के काकीनाडा जिले में शनिवार को एक पटाखा निर्माण इकाई में हुए भीषण विस्फोट में 10 से अधिक लोगों के हताहत होने की खबर है। हादसा वेतलापलेम गांव स्थित एक निजी पटाखा फैक्टरी में हुआ, जहां धमाके के बाद अफरा-तफरी मच गई। पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विस्फोट के समय फैक्टरी के अंदर करीब 20 कर्मचारी काम कर रहे थे। धमाका इतना जोरदार था कि आसपास के इलाकों में भी इसकी आवाज सुनी गई। मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए जेसीबी मशीनों और विशेष बचाव दलों की मदद ली जा रही है। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि कुछ लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।

राज्य की गृह मंत्री वंगालपुडी अनीता ने शुरुआती बयान में सात लोगों की मौत की पुष्टि की थी, जबकि बाद में हताहतों की संख्या बढ़ने की सूचना सामने आई। घायलों को तत्काल नजदीकी सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।

N. Chandrababu Naidu ने अपने आधिकारिक बयान में कहा

घटना पर मुख्यमंत्री N. Chandrababu Naidu ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि काकीनाडा जिले में पटाखा यूनिट में हुआ विस्फोट अत्यंत दुखद है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है और घायलों के समुचित इलाज व पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, वरिष्ठ अधिकारियों और संबंधित मंत्रियों को तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने को कहा गया है।

स्थानीय प्रशासन के मुताबिक

स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में सुरक्षा मानकों और रसायनों के भंडारण को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, विस्फोट के वास्तविक कारणों की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी। फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है।

इस हादसे ने एक बार फिर पटाखा उद्योग में सुरक्षा मानकों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की है।

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