IDFC First Bank
नई दिल्ली, एजेंसियां। निजी क्षेत्र के IDFC First Bank की चंडीगढ़ शाखा में 590 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इस घटना ने शेयर बाजार में भी बड़ा असर डाला, जिससे निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, बैंक कर्मचारियों और बाहरी लोगों की मिलीभगत से फर्जी चेक और जाली दस्तावेजों के जरिए खातों से रकम अन्य खातों में ट्रांसफर की गई। बैंक ने चार संदिग्ध अधिकारियों को निलंबित कर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और मामले की जांच के लिए फोरेंसिक ऑडिटर नियुक्त किया गया है।
निवेशकों को ₹14,000 करोड़ का नुकसान
घटना के बाद शेयर बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ा और बैंक के शेयर करीब 20 प्रतिशत तक गिर गए। इससे निवेशकों की लगभग 14,438 करोड़ रुपये की मार्केट वैल्यू स्वाहा हो गई।
सीईओ ने दी सफाई
बैंक के एमडी और सीईओ V. Vaidyanathan ने कहा कि यह मामला केवल एक शाखा और एक ग्राहक समूह तक सीमित है और इसे प्रणालीगत विफलता नहीं माना जा सकता। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बैंक की पूंजी स्थिति मजबूत है और नुकसान का प्रभाव प्रबंधनीय रहेगा।
आरबीआई की निगरानी
Reserve Bank of India इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। आरबीआई गवर्नर Sanjay Malhotra ने कहा कि यह धोखाधड़ी प्रणालीगत जोखिम पैदा नहीं करती और स्थिति की लगातार समीक्षा की जा रही है। फिलहाल बैंक ने संदिग्ध खातों में जमा रकम की रिकवरी के लिए अन्य बैंकों से भी संपर्क किया है और जांच जारी है।








