Everest spices adulteration
नई दिल्ली, एजेंसियां। दूध, दही, पनीर और खोए में मिलावट की खबरें अक्सर सामने आती रही हैं, लेकिन अब मसालों को लेकर भी चिंताजनक रिपोर्ट सामने आई है। देश के कई घरों में इस्तेमाल होने वाले एवरेस्ट ब्रांड के चार मसाले हाल ही में एक क्वालिटी टेस्ट में फेल पाए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक एवरेस्ट गरम मसाला, एवरेस्ट किचन किंग मसाला, एवरेस्ट कश्मीरीलाल चिली पाउडर और एवरेस्ट मीट मसाला में तय सीमा से अधिक बैक्टीरिया और पेस्टिसाइड्स पाए गए हैं। यह जानकारी एक यूट्यूब चैनल “ट्रस्टिफाइड” की लैब टेस्ट रिपोर्ट के जरिए सामने आई है, जिसमें इन मसालों के सैंपल की जांच कराई गई थी।
लैब जांच में क्या सामने आया
रिपोर्ट के अनुसार मसालों के सैंपल डी-मार्ट से खरीदे गए थे। प्रत्येक मसाले के तीन-तीन पैक खरीदे गए और उनमें से एक-एक सैंपल को लैब जांच के लिए भेजा गया।जांच में पाया गया कि एवरेस्ट गरम मसाला में एसिटामिप्रिड और एज़ोक्सीस्ट्रोबिन नामक दो पेस्टिसाइड सुरक्षित सीमा से अधिक मात्रा में मौजूद थे। इसके अलावा इसमें एंटेरोबैक्टीरियेसी नाम का बैक्टीरिया भी तय सीमा से ज्यादा पाया गया।
एवरेस्ट किचन किंग मसाला में भी एंटेरोबैक्टीरियेसी बैक्टीरिया के साथ थियामेथॉक्सम, कार्बेन्डाज़िम और बेनोमिल जैसे तीन पेस्टिसाइड्स अधिक मात्रा में मिले। वहीं एवरेस्ट कश्मीरीलाल चिली पाउडर में पेस्टिसाइड्स की मात्रा तो तय सीमा के भीतर थी, लेकिन इसमें भी बैक्टीरिया की मात्रा अधिक पाई गई।इसी तरह एवरेस्ट मीट मसाला में एंटेरोबैक्टीरियेसी बैक्टीरिया के अलावा एथियन, टेबुकोनाज़ोल, एज़ोक्सीस्ट्रोबिन और फ्लूओपायरम जैसे चार पेस्टिसाइड्स सुरक्षित सीमा से ज्यादा मिले। रिपोर्ट के अनुसार ये सभी उत्पाद भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के मानकों पर खरे नहीं उतर पाए।
स्वास्थ्य पर क्या हो सकता है असर?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार एंटेरोबैक्टीरियेसी बैक्टीरिया की फैमिली में ई.कोलाई, साल्मोनेला और क्लेबसिएला जैसे बैक्टीरिया शामिल होते हैं। यदि किसी खाद्य पदार्थ में इनकी मात्रा अधिक हो जाए तो पेट दर्द, दस्त, उल्टी और फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं।दूसरी ओर, पेस्टिसाइड्स का लंबे समय तक अधिक सेवन शरीर के लिए नुकसानदेह हो सकता है। इससे लिवर, आंत और नर्वस सिस्टम पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। हालांकि मसालों का इस्तेमाल सामान्यतः कम मात्रा में किया जाता है, इसलिए जोखिम अपेक्षाकृत कम माना जाता है।
विशेषज्ञों की सलाह है कि उपभोक्ता साबुत मसाले खरीदकर घर पर पीस सकते हैं। इसके अलावा पैक मसालों को इस्तेमाल से पहले हल्का ड्राई रोस्ट करने से भी बैक्टीरिया का खतरा कम किया जा सकता है।








