EPFO single pool model
नई दिल्ली, एजेंसियां। देश के करोड़ों पीएफ खाताधारकों के लिए बड़ी खबर है। Employees’ Provident Fund Organisation (EPFO) अपने निवेश के तरीके में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रहा है। अब तक अलग-अलग स्कीम के तहत हर महीने ETF में निवेश करने की व्यवस्था थी, लेकिन जल्द ही इसे ‘सिंगल पूल’ मॉडल में बदला जा सकता है।
क्या है ‘सिंगल पूल’ स्कीम?
EPFO अपनी पांचों स्कीम के फंड को ETF निवेश के लिए एक ही अकाउंट में मर्ज करेगा। यानी अलग-अलग अकाउंट से निवेश की जगह एक संयुक्त फंड (Single Pool) बनाया जाएगा। इसके साथ ही मौजूदा मंथली इन्वेस्टमेंट साइकिल को बदलकर सालाना निवेश चक्र लागू करने की योजना है। इस कदम का मकसद रेगुलेटरी और ऑपरेशनल प्रक्रियाओं को आसान बनाना, ट्रांजैक्शन को सुव्यवस्थित करना और मार्केट टाइमिंग रिस्क को कम करना है। EPFO 2015 से अपनी अतिरिक्त आय का 5-15% हिस्सा ETF में निवेश करता रहा है।
नया SOP और रेगुलेटरी अनुपालन
EPFO ETF निवेश के लिए नया स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार करेगा। इससे स्टॉक मार्केट रेगुलेटर के उस नियम का पालन आसान होगा, जिसमें 25 करोड़ रुपये से अधिक के सीधे ट्रांजैक्शन का प्रावधान है। नया सिस्टम यूनिफॉर्म और कंसोलिडेटेड होगा, जिससे सभी स्कीम के लिए एक समान प्रक्रिया लागू होगी।
हर महीने नहीं, साल में एक बार निवेश
मौजूदा व्यवस्था (2016 से लागू) के तहत हर स्कीम से अलग-अलग मासिक निवेश किया जाता है। नई योजना के तहत सालाना निवेश मॉडल अपनाया जाएगा। साथ ही, तय टाइमलाइन के साथ डील स्लिप जारी करने और ETF रिडेम्पशन की प्रक्रिया को भी व्यवस्थित किया जाएगा।
DMEDL के बायबैक में हिस्सा
रिटायरमेंट फंड बॉडी दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे डेवलपमेंट (DMEDL) के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) के बायबैक ऑफर के चौथे राउंड में भी हिस्सा लेगी। 1 लाख रुपये फेस वैल्यू वाले प्रत्येक बॉन्ड के लिए 1,03,468 रुपये के ऑफर प्राइस पर बिक्री की योजना है। इन प्रस्तावों को 2 मार्च को होने वाली सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज़ की बैठक में मंजूरी के लिए रखा जाएगा। अगर स्वीकृति मिलती है, तो EPFO का यह नया निवेश मॉडल पीएफ मेंबर्स के लिए दीर्घकाल में अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित रिटर्न की दिशा में अहम कदम माना जाएगा।








