Epstein file
नई दिल्ली, एजेंसियां। माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने दिवंगत फाइनेंसर जेफ्री एपस्टीन से अपने संबंधों को “बहुत बड़ी गलती” बताया है। Bill & Melinda Gates Foundation के एक टाउन हॉल कार्यक्रम में कर्मचारियों को संबोधित करते हुए गेट्स ने कहा कि वह अपने फैसलों की जिम्मेदारी लेते हैं और इस मामले में जिन लोगों को असहज स्थिति में आना पड़ा, उनसे माफी मांगते हैं।
टाउन हॉल में मांगी माफी
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गेट्स ने स्वीकार किया कि एपस्टीन से मिलना और फाउंडेशन के अधिकारियों को भी उन बैठकों में शामिल करना गलत फैसला था। उन्होंने कहा, “मैं अपनी गलती की वजह से जिन लोगों को इसमें घसीटा गया, उनसे माफी मांगता हूं।” गेट्स ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने कोई अवैध कार्य नहीं किया और न ही किसी अवैध गतिविधि को देखा।
न्याय विभाग के दस्तावेजों में खुलासे
US Department of Justice द्वारा जारी दस्तावेजों में सामने आया है कि एपस्टीन की सजा पूरी होने के बाद भी गेट्स और एपस्टीन के बीच कई मुलाकातें हुई थीं। इन बैठकों में परोपकारी पहलों के विस्तार पर चर्चा हुई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, गेट्स ने दो रूसी महिलाओं के साथ अपने संबंधों का जिक्र भी किया, जिनकी जानकारी बाद में एपस्टीन को हो गई थी। हालांकि उन्होंने कहा कि इन मामलों का एपस्टीन की पीड़ितों से कोई संबंध नहीं था।
तस्वीरों पर भी दी सफाई
दस्तावेजों में कुछ तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिनमें गेट्स महिलाओं के साथ नजर आ रहे हैं। इन तस्वीरों के संदर्भ में गेट्स ने कहा कि वे एपस्टीन की सहायक महिलाओं के साथ बैठक के बाद ली गई थीं। उन्होंने दोहराया कि उन्होंने कभी भी एपस्टीन की पीड़ितों के साथ समय नहीं बिताया।
फाउंडेशन का आधिकारिक बयान
गेट्स फाउंडेशन के प्रवक्ता ने कहा कि यह टाउन हॉल पहले से निर्धारित था और गेट्स ने एपस्टीन फाइलों से जुड़े सवालों का खुलकर जवाब दिया। फाउंडेशन ने दोहराया कि उसने कभी भी एपस्टीन को कोई आर्थिक भुगतान नहीं किया और न ही उसे किसी पद पर नियुक्त किया। फिलहाल इस मुद्दे पर यही आधिकारिक रुख है।
एआई समिट में रद्द किया कार्यक्रम
पिछले सप्ताह गेट्स ने भारत में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में मुख्य भाषण देने का कार्यक्रम रद्द कर दिया था। हालांकि इसे एपस्टीन विवाद से आधिकारिक तौर पर नहीं जोड़ा गया।
क्या है गेट्स फाउंडेशन?
साल 2000 में स्थापित बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन दुनिया की सबसे बड़ी परोपकारी संस्थाओं में गिनी जाती है। 2024 में मेलिंडा गेट्स के पद छोड़ने के बाद संस्था की जिम्मेदारी पूरी तरह बिल गेट्स संभाल रहे हैं। गेट्स ने घोषणा की है कि 31 दिसंबर 2045 तक फाउंडेशन को स्थायी रूप से बंद कर दिया जाएगा। उन्होंने 2026 के लिए 9 बिलियन डॉलर और अगले 20 वर्षों में 200 बिलियन डॉलर के परोपकारी खर्च का लक्ष्य तय किया है।








