Khatu Shyam Temple yatra
जयपुर, एजेंसियां। राजस्थान के Ajmer में शुक्रवार को आस्था, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। खाटू श्याम नवयुवक मंडल की ओर से आयोजित 16वीं विशाल पदयात्रा का भव्य शुभारंभ माखुपुरा स्थित श्याम मंदिर से हुआ। विशेष पूजा-अर्चना के बाद सैकड़ों श्रद्धालु हाथों में रंग-बिरंगे निशान लेकर अपने आराध्य Khatu Shyam के दर्शन के लिए रवाना हुए। ढोल-नगाड़ों की गूंज और “हारे का सहारा बाबा श्याम हमारा” के जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा।
यह पदयात्रा शहर के प्रमुख मार्गों आदर्श नगर, जीसीए चौराहा और कैसरगंज से होकर आगे बढ़ी। रास्ते भर स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने श्रद्धालुओं का गर्मजोशी से स्वागत किया। जगह-जगह पुष्पवर्षा की गई तथा शीतल पेय और स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई। यात्रा का प्रमुख आकर्षण बाबा श्याम का भव्य रथ रहा, जिसे फूलों और आकर्षक रोशनी से सजाया गया था। श्रद्धालु रथ के साथ चलते हुए भजन-कीर्तन करते नजर आए।
निशुल्क सुविधाएं और सामाजिक समरसता का संदेश
आयोजन समिति के अनुसार यह पदयात्रा प्रतिवर्ष फाल्गुन लक्खी मेले के अवसर पर पलाराम सैनी द्वारा पूर्णतः निशुल्क निकाली जाती है। करीब 150 किलोमीटर लंबे इस सफर में यात्रियों के लिए ठहरने, भोजन और प्राथमिक चिकित्सा की समुचित व्यवस्था की गई है। अनुशासन बनाए रखने और सहायता प्रदान करने के लिए स्वयंसेवकों की विशेष टीम भी साथ चल रही है।
युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों
इस यात्रा में युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली, जो बाबा श्याम के प्रति अटूट श्रद्धा को दर्शाती है। आयोजन केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों को एकजुट कर सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश भी देता है।
भक्ति से ओत-प्रोत यह पदयात्रा विभिन्न पड़ावों से गुजरते हुए सीकर जिले के खाटू धाम पहुंचेगी। वहां दर्शन और निशान अर्पित करने के बाद श्रद्धालु 25 फरवरी को पुनः अजमेर लौटेंगे। श्रद्धालुओं का मानना है कि फाल्गुन मास में बाबा श्याम के दरबार में हाजिरी लगाने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।







