AI Summit protest case:
नई दिल्ली, एजेंसियां। राजधानी में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन के मामले में दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में यह अब तक की आठवीं गिरफ्तारी है।
पुलिस ने चिब को पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया। इससे पहले सोमवार को तीन अन्य आरोपियों जितेंद्र यादव, राजा गुर्जर और अजय कुमार को ग्वालियर से पकड़ा गया था। वहीं, विरोध प्रदर्शन के दिन चार कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया गया था। मामला तिलक मार्ग थाने में दर्ज है।
सात दिन की कस्टडी की मांग
दिल्ली पुलिस ने अदालत से उदय भानु चिब की सात दिन की पुलिस कस्टडी मांगी है। पुलिस का आरोप है कि चिब ने कथित साजिश रचकर प्रदर्शनकारियों को लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध कराई। जांच एजेंसी का कहना है कि मामले की तह तक जाने के लिए कस्टडी आवश्यक है। वहीं, चिब की ओर से पेश वरिष्ठ वकील संजय घोष ने अदालत में दलील दी कि उनके मुवक्किल फरार नहीं थे और दिल्ली में ही मौजूद थे। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी निहत्थे थे और इसे दंगा बताना अतिरंजित है।
क्राइम ब्रांच को सौंपी गई जांच
सूत्रों के मुताबिक, एआई समिट प्रदर्शन मामला अब दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया गया है। इंटर-स्टेट क्राइम ब्रांच पूरे मामले की आगे की जांच करेगी। पुलिस इस घटना को व्यापक साजिश के एंगल से देख रही है और कथित वित्तीय लेन-देन की भी पड़ताल की जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता समिट स्थल भारत मंडपम के हॉल नंबर-5 की लॉबी में पहुंचे और अपनी कमीज के नीचे पहनी टी-शर्ट उतारकर नारेबाजी करने लगे। बताया गया है कि प्रदर्शनकारियों ने क्यूआर कोड के जरिए ऑनलाइन पंजीकरण कर कार्यक्रम में प्रवेश किया था। टी-शर्ट पर “PM is Compromised”, “भारत-अमेरिका व्यापार समझौता” और “Epstein Files” जैसे नारे लिखे थे। पुलिस का दावा है कि कुछ अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की भी हुई। जांच के दौरान आरोपी नेता कृष्ण हरि की कार से पीएम की तस्वीर वाली टी-शर्ट और पोस्टर भी बरामद किए गए हैं।
पहले हो चुकी हैं गिरफ्तारियां
इस मामले में बिहार, उत्तर प्रदेश और तेलंगाना से जुड़े चार कार्यकर्ताओं को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन पूर्व नियोजित था और सभी आरोपियों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया था। मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।








