Ret Ki Machli (रेत की मछली): एक अधूरी प्यास और इंसानी जज्बातों की मुकम्मल कहानी

Ranjan Tiwari
5 Min Read
Ret Ki Machli Book Cover

Ret Ki Machli (रेत की मछली)

रेत की मछली (Ret Ki Machli) उपन्यास को पढ़ना मेरे लिए एक गहरे अनुभव जैसा था।

यह किताब सिर्फ शब्दों का संग्रह नहीं, बल्कि जज्बातों का एक समंदर है। दो दिन पहले ही मैंने इसे खत्म किया है, और इसकी कहानी अभी भी मेरे दिमाग में घूम रही है।

यहाँ इस किताब और मेरे अनुभवों पर आधारित एक छोटा सा लेख है:

Key Takeaways

  • ‘Ret Ki Machli’ उपन्यास एक गहरे अनुभव को प्रस्तुत करता है, जो इंसानी रिश्तों और इच्छाओं की कहानी है।
  • किताब ‘रेत’ और ‘मछली’ के रूपक का प्रयोग करती है, जो जीवन की कड़वी सच्चाइयों को दर्शाती है।
  • लेखिका कान्ता भारती, धर्मवीर भारती की पहली पत्नी हैं, और यह उपन्यास उनके प्रसिद्ध काम का प्रतिक्रिया है।
  • किताब सरल भाषा में गहराई और जज्बातों से भरी है, जो पाठकों को जोड़ती है।
  • यह कहानी हमें सिखाती है कि जो हम चाहते हैं, वह हमेशा हमारे लिए सही नहीं होता।

रेत की मछली: एक अधूरी प्यास की मुकम्मल कहानी

दो दिन पहले मैंने ‘रेत की मछली’ उपन्यास पढ़कर खत्म किया। इसे पढ़ते समय ऐसा लगा जैसे मैं किसी रेगिस्तान में खड़ा हूँ, जहाँ पानी की तलाश ही जीवन का असली मकसद है।

ये किताब इंसानी रिश्तों, अकेलेपन और कभी ना खत्म होने वाली इच्छाओं की एक बारीक तस्वीर पेश करती है।

कैसा रहा मेरा अनुभव?

Ret Ki Machli उपन्यास को पढ़ते समय मैंने कई तरह के इमोशन्स महसूस किए। लेखक ने जिस तरह से ‘रेत’ और ‘मछली’ के रूपक (metaphor) का इस्तेमाल किया है, वह काबिल-ए-तारीफ है।

रेत की मछली वह है जो अपनी प्रकृति के खिलाफ जीने की कोशिश करती है। हम सब भी तो अपनी जिंदगी में कहीं न कहीं ऐसी ही जद्दोजहद कर रहे हैं।

लेखिका और किताब की पृष्ठभूमि

यह उपन्यास कान्ता भारती (Kanta Bharti) द्वारा लिखा गया है। कान्ता जी प्रसिद्ध साहित्यकार धर्मवीर भारती की पहली पत्नी थीं।

साहित्य की गलियारों में इस किताब को धर्मवीर भारती के मशहूर उपन्यास ‘गुनाहों का देवता’ का प्रति-उत्तर (Response) माना जाता है।

जहाँ ‘गुनाहों का देवता’ प्रेम को आदर्श मानता है, वहीं ‘रेत की मछली’ वैवाहिक जीवन की कड़वी हकीकत और धोखे को बेपर्दा करती है।

कहानी का सार: रेत में तड़पती एक रूह

उपन्यास का नायक ‘शोभन’ है, जो एक बड़ा लेखक है। कहानी एक ऐसी महिला के इर्द-गिर्द घूमती है जिसने प्यार के लिए सब कुछ छोड़ दिया, लेकिन बदले में उसे सिर्फ अकेलापन और मानसिक प्रताड़ना मिली।

लेखक ने ‘रेत’ और ‘मछली’ के रूपक (Metaphor) का इस्तेमाल बड़े ही दर्दनाक तरीके से किया है। रेत की मछली वह है जो अपनी प्रकृति के खिलाफ जीने की कोशिश करती है। एक ऐसा इंसान जो किसी ऐसे रिश्ते में सांस लेने की कोशिश कर रहा है जहाँ प्यार की जगह सिर्फ रेत (रुखापन) है।

किताब क्यों पढ़नी चाहिए?

  • सच्चाई का आईना: यह किताब दिखाती है कि एक महान लेखक निजी जीवन में कितना क्रूर हो सकता है।
  • भावुकता: यदि आपने ‘गुनाहों का देवता’ पढ़ी है, तो चंदर के दूसरे पहलू को समझने के लिए इसे पढ़ना अनिवार्य है।
  • सरल और मारक भाषा: छोटे-छोटे वाक्यों में जिंदगी के बड़े फलसफे समझाए गए हैं।

किताब की कुछ खास बातें:

  • सरल भाषा: इसकी भाषा इतनी सहज है कि आप पात्रों के दर्द को महसूस कर सकते हैं।
  • गहराई: छोटे-छोटे वाक्यों में जिंदगी के बड़े दर्शन समझाए गए हैं।
  • जुड़ाव: पढ़ते वक्त लगा कि यह सिर्फ एक काल्पनिक कहानी नहीं, बल्कि हमारे समाज का एक हिस्सा है।

रेत की मछली – दिल को छू लेने वाला सफर

किताब खत्म करने के बाद भी एक अजीब सी बेचैनी और सुकून दोनों साथ महसूस हुए। यह कहानी हमें सिखाती है कि हर वह चीज जो हम चाहते हैं, शायद वह हमारे लिए न बनी हो।

जैसे मछली रेत में जिंदा नहीं रह सकती, वैसे ही कुछ सपने हकीकत की जमीन पर दम तोड़ देते हैं।

अगर आप गंभीर साहित्य और भावनाओं से जुड़ी कहानियाँ पसंद करते हैं। तो ‘रेत की मछली’ आपको जरूर पढ़नी चाहिए। यह किताब आपको खुद से सवाल करने पर मजबूर कर देगी।

अगर आप इस Ret Ki Machli उपन्यास को ऐमज़ॉन की वेबसाइट से खरीद सकते है

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