Liquor Scam:
रांची। शराब घोटाले में आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। इस मामले में एसीबी ने पूर्व उत्पाद आयुक्त अमित प्रकाश और छत्तीसगढ़ के कारोबारी सिद्धार्थ सिंघानिया को दो दिन की रिमांड पर लिया। दोनों से पूछताछ शुरू कर दी गई है। इनसे बुधवार को भी पूछताछ की गई।
एसीबी ने सिद्धार्थ सिंघानिया से पूछा कि उन्होंने शराब कंपनियों पर अपना दबदबा कैसे बनाया। विभाग के किन-किन अधिकारियों ने इसमें सहयोग किया। इस पर सिंघानिया ने कहा कि उन्हें जो काम मिला, वही किया। किसी भी कंपनी पर कोई दबदबा नहीं बनाया। न ही किसी अधिकारी ने कोई मदद की।
Liquor Scam: सिंघानिया पर ये हैं आरोपः
सिंघानिया पर 2022 में उत्पाद नीति लागू होने के दौरान झारखंड में सक्रियता दिखाने व अपनी शर्तों पर मैनपावर आपूर्ति का काम लेने का आरोप है। सिंघानिया ने छत्तीसगढ़ की जिन चार प्लेसमेंट एजेंसियों का नेतृत्व किया, उन पर झारखंड सरकार का करीब 450 करोड़ रुपए गबन करने का आरोप है।
यह मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है। एसीबी सिंघानिया को शराब घोटाले की अहम कड़ी मान रहा है। उनसे सहयोगियों और सिंडिकेट के लोगों से जुड़े राज उगवाने की कोशिश की जा रही है।
Liquor Scam: अमित प्रकाश से फर्जी बैंक गारंटी पर पूछे गए सवालः
पूर्व आयुक्त अमित प्रकाश पर आरोप है कि उनके कार्यकाल में अवैध वसूली हुई। एमआरपी से अधिक कीमत पर शराब की बिक्री हुई। फर्जी बैंक गारंटी पर ठेका लेने वाली दो प्लेसमेंट एजेंसी मार्शन व विजन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। छत्तीसगढ़ की दो कंपनी दर्शिता वेंचर्स और ओम साईं विबरेजेज को 11 करोड़ से अधिक बकाया भुगतान कर दिया गया। अमित से इनसे जुड़े सवाल पूछे गए।
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