Fake ghee vs real ghee
नई दिल्ली, एजेंसियां। घी भारतीय रसोई का एक अहम हिस्सा है। दाल में तड़का लगाने, रोटी पर लगाकर खाने या मिठाइयों के स्वाद बढ़ाने के लिए घी की आवश्यकता होती है। आयुर्वेद में भी घी को स्वास्थ्यवर्धक और लाभकारी माना गया है। हालांकि, बदलती जीवनशैली और समय की कमी के कारण अधिकांश लोग बाजार से पैक्ड घी खरीदते हैं। समस्या तब शुरू होती है, जब यह घी शुद्ध नहीं होता।
कुछ लोग अधिक मुनाफा कमाने के लिए घी में तेल, वनस्पति या अन्य मिलावटी चीजें मिला देते हैं। ऐसे घी न केवल स्वाद खराब करते हैं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक हो सकते हैं। महंगे या ब्रांडेड होने के बावजूद हर घी शुद्ध नहीं होता। इसलिए यह जानना जरूरी है कि घर पर ही असली और नकली घी की पहचान कैसे करें।
घर पर असली और नकली घी पहचानने के आसान तरीके
- पानी टेस्ट: एक गिलास पानी में एक चम्मच घी डालें। अगर घी पानी पर तैरता है, तो यह शुद्ध है; अगर नीचे बैठ जाता है, तो मिलावट हो सकती है।
- नमक टेस्ट: एक कटोरी में घी और आधा छोटा चम्मच नमक मिलाकर 10 मिनट रखें। रंग बदलने पर घी नकली है।
- हथेली टेस्ट: घी को हथेली पर रगड़ें। अगर तुरंत पिघल जाए, तो असली है; गंध भी देसी और खुशबूदार होनी चाहिए।
- तापमान टेस्ट: शुद्ध घी हल्के तापमान में भी पिघल जाता है। नकली घी को गर्म करना पड़ता है।
- रंग टेस्ट: घी को धीमी आंच पर गर्म करें। अगर रंग हल्का ब्राउन हो जाए, तो शुद्ध है। नकली घी पीला ही रहता है।
- आयोडीन टेस्ट: घी में आयोडीन की बूंदें डालें। रंग नीला या लाल हो जाए, तो घी मिलावटी है।
- HCL टेस्ट: हाइड्रोक्लोरिक एसिड डालने पर रंग लाल हो जाए, तो घी नकली है। सावधानी से करना चाहिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि इन सहज घरेलू टेस्टों से आप आसानी से असली घी की पहचान कर सकते हैं। घर पर ही घी की शुद्धता चेक करने से स्वाद और सेहत दोनों सुरक्षित रहते हैं।











