Food safety tips
नई दिल्ली, एजेंसियां। कुकिंग ऑयल की बढ़ती कीमतों ने जहां घरों का बजट बिगाड़ा है, वहीं बाजार में कम कीमत पर मिलने वाले तेल ने मिलावट की आशंका भी बढ़ा दी है। खराब फसल उत्पादन, सप्लाई की कमी, अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उछाल और आयातित तेल पर बढ़े टैक्स के कारण तेल महंगा हुआ है। ऐसे में बाजार मूल्य से बहुत कम दाम पर बिक रहा तेल मिलावटी या घटिया क्वालिटी का हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि उपभोक्ताओं को सतर्क रहने और कुछ आसान तरीकों से तेल की शुद्धता जांचने की जरूरत है।
रंग से पहचान
विशेषज्ञों के मुताबिक, असली कुकिंग ऑयल का रंग आमतौर पर हल्का पीला या सुनहरा होता है। यदि तेल का रंग बहुत गहरा, धुंधला या असामान्य लगे तो यह मिलावट का संकेत हो सकता है। अत्यधिक गाढ़ा या भूरा रंग यह दर्शा सकता है कि तेल पुराना है या उसमें अन्य पदार्थ मिलाए गए हैं।
गंध पर दें ध्यान
शुद्ध तेल में हल्की प्राकृतिक खुशबू होती है, जैसे नारियल तेल में नारियल की महक। रिफाइंड तेल में हल्की या लगभग बिना गंध होती है। लेकिन यदि तेल से तेज, केमिकल जैसी, बासी या मछली जैसी गंध आए तो यह खराब या मिलावटी तेल का संकेत हो सकता है। ऐसी गंध अक्सर तेल के ऑक्सीडेशन या बार-बार गर्म किए जाने से उत्पन्न होती है।
टेक्सचर और गाढ़ापन
असली कुकिंग ऑयल आमतौर पर पतला और साफ दिखाई देता है। यदि तेल जरूरत से ज्यादा गाढ़ा, चिपचिपा या धुंधला दिखे तो यह मिलावट की ओर इशारा कर सकता है। नकली तेल में कभी-कभी फैट या अन्य एडिटिव्स मिलाकर गाढ़ापन बढ़ाया जाता है, जिससे उसका टेक्सचर असामान्य हो जाता है।
सस्ते दाम से रहें सतर्क
विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा बाजार हालात में बहुत कम कीमत पर मिलने वाला तेल संदेहास्पद हो सकता है। उपभोक्ताओं को विश्वसनीय ब्रांड, सील पैक बोतल और निर्माण/समाप्ति तिथि अवश्य जांचनी चाहिए।
सेहत पर गंभीर असर
मिलावटी या इस्तेमाल किया हुआ तेल शरीर में फ्री रेडिकल्स बढ़ा सकता है, जिससे कोशिकाओं और ऊतकों को नुकसान पहुंचता है। लंबे समय तक ऐसे तेल का सेवन हृदय रोग, पाचन संबंधी समस्याएं और अन्य गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या संदेह की स्थिति में डॉक्टर या विशेषज्ञ से परामर्श लेना आवश्यक है।








