Happy New Year 2026 Shayari: नए साल की मुबारकबाद इन मशहूर शेरों के साथ दें, दिल छू लेंगे ये अल्फाज़

6 Min Read
New Year 2026, Happy New Year Shayari, Naya Saal 2026, Hindi Shayari, Ghalib Poetry, 2 Year Wishes, WhatsApp Status, New Year Quotes Hindi

[wpcode id=”121895″]
[convert_quotes theme=”kagaz”]

New Year 2026 Shayari

बिछड़ने का गम और यादें

आज इक और बरस बीत गया उस के बग़ैर
जिस के होते हुए होते थे ज़माने मेरे — अहमद फ़राज़

इक अजनबी के हाथ में दे कर हमारा हाथ
लो साथ छोड़ने लगा आख़िर ये साल भी — हफ़ीज़ मेरठी

और कम याद आओगी अगले बरस तुम
अब के कम याद आई हो पिछले बरस से — स्वप्निल तिवारी

इक साल गया इक साल नया है आने को
पर वक़्त का अब भी होश नहीं दीवाने को — इब्न-ए-इंशा

वक़्त फिर हम पे ख़ाक डाल गया
उम्र का एक और साल गया — शकील जमाली

एक बरस और बीत गया
कब तक ख़ाक उड़ानी है — विकास शर्मा राज़

एक लम्हा लौट कर आया नहीं
ये बरस भी राएगाँ रुख़्सत हुआ — इनाम नदीम

मुंहदिम होता चला जाता है दिल साल-ब-साल
ऐसा लगता है गिरह अब के बरस टूटती है — इफ़्तिख़ार आरिफ़

नए साल की उम्मीद और दुआएं

न कोई रंज का लम्हा किसी के पास आए
ख़ुदा करे कि नया साल सब को रास आए — फ़रियाद आज़र

नए साल में पिछली नफ़रत भुला दें
चलो अपनी दुनिया को जन्नत बना दें — अज्ञात

ख़ुदा करे कि ये दिन बार बार आता रहे
और अपने साथ ख़ुशी का ख़ज़ाना लाता रहे — अज्ञात

पुराने साल की ठिठुरी हुई परछाइयाँ सिमटीं
नए दिन का नया सूरज उफ़ुक़ पर उठता आता है — अली सरदार जाफ़री

गुज़िश्ता साल कोई मस्लहत रही होगी
गुज़िश्ता साल के सुख अब के साल दे मौला — लियाक़त अली आसिम

नया साल आया है ख़ुशियाँ मनाओ
नए आसमानों से आँखें मिलाओ — अज्ञात

मुबारक मुबारक नया साल आया
ख़ुशी का समाँ सारी दुनिया पे छाया — अख़्तर शीरानी

सितारों आसमाँ को जगमगा दो रौशनी से
दिसम्बर आज मिलने जा रहा है जनवरी से — भास्कर शुक्ला

ऐ जाते बरस तुझ को सौंपा ख़ुदा को
मुबारक मुबारक नया साल सब को — मोहम्मद असदुल्लाह

वक्त का फलसफा और हकीकत

देखिए पाते हैं उश्शाक़ बुतों से क्या फ़ैज़
इक बरहमन ने कहा है कि ये साल अच्छा है — मिर्ज़ा ग़ालिब

न शब ओ रोज़ ही बदले हैं न हाल अच्छा है
किस बरहमन ने कहा था कि ये साल अच्छा है — अहमद फ़राज़

तू नया है तो दिखा सुब्ह नई शाम नई
वर्ना इन आँखों ने देखे हैं नए साल कई — फ़ैज़ लुधियानवी

किसी को साल-ए-नौ की क्या मुबारकबाद दी जाए
कैलन्डर के बदलने से मुक़द्दर कब बदलता है — ऐतबार साजिद

फिर नए साल की सरहद पे खड़े हैं हम लोग
राख हो जाएगा ये साल भी हैरत कैसी — अज़ीज़ नबील

जिस बरहमन ने कहा है कि ये साल अच्छा है
उस को दफ़नाओ मिरे हाथ की रेखाओं में — क़तील शिफ़ाई

एक पत्ता शजर-ए-उम्र से लो और गिरा
लोग कहते हैं मुबारक हो नया साल तुम्हें — अज्ञात

साल गुज़र जाता है सारा
और कैलन्डर रह जाता है — सरफ़राज़ ज़ाहिद

दोस्तों, जश्न और नई शुरुआत के लिए

दुल्हन बनी हुई हैं राहें
जश्न मनाओ साल-ए-नौ के — साहिर लुधियानवी

पिछ्ला बरस तो ख़ून रुला कर गुज़र गया
क्या गुल खिलाएगा ये नया साल दोस्तो — फ़ारूक़ इंजीनियर

अब के बार मिल के यूँ साल-ए-नौ मनाएँगे
रंजिशें भुला कर हम नफ़रतें मिटाएँगे — अज्ञात

चेहरे से झाड़ पिछले बरस की कुदूरतें
दीवार से पुराना कैलन्डर उतार दे — ज़फ़र इक़बाल

इक पल का क़ुर्ब एक बरस का फिर इंतिज़ार आई है जनवरी
तो दिसम्बर चला गया — रुख़्सार नाज़िमाबादी

इस गए साल बड़े ज़ुल्म हुए हैं मुझ पर
ऐ नए साल मसीहा की तरह मिल मुझ से — सरफ़राज़ नवाज़

पलट सी गई है ज़माने की काया
नया साल आया नया साल आया — अख़्तर शीरानी

करने को कुछ नहीं है नए साल में ‘यशब’
क्यों ना किसी से तर्क-ए-मोहब्बत ही कीजिए — यशब तमन्ना

साल-ए-नौ आता है तो महफ़ूज़ कर लेता हूँ मैं
कुछ पुराने से कैलन्डर ज़ेहन की दीवार पर — आज़ाद गुलाटी

इशरत-ए-हाल-ए-नौ मुबारक हो
आप को साल-ए-नौ मुबारक हो — जौन एलिया

नया साल दीवार पर टाँग दे
पुराने बरस का कैलेंडर गिरा — मोहम्मद अल्वी

कुछ ख़ुशियाँ कुछ आँसू दे कर टाल गया
जीवन का इक और सुनहरा साल गया — अज्ञात

यकुम जनवरी है नया साल है
दिसम्बर में पूछूँगा क्या हाल है — अमीर क़ज़लबाश

ये किस ने फ़ोन पे दी साल-ए-नौ की तहनियत
मुझ को तमन्ना रक़्स करती है तख़य्युल गुनगुनाता है — अली सरदार जाफ़री

Share This Article
Exit mobile version