नई दिल्ली, एजेंसियां। डिप्रेशन यानी अवसाद आजकल तेजी से बढ़ रही मानसिक स्वास्थ्य समस्या बन गई है। खराब लाइफस्टाइल, अकेलापन, भागदौड़ भरी जिंदगी और पैसे कमाने की चाहत इंसान को डिप्रेशन की ओर ले जा सकती है। कई बार लोग डिप्रेशन को नॉर्मल मानकर उसके लक्षणों को इग्नोर कर देते हैं। लेकिन ऐसा करना आपके लिए खतरनाक साबित हो सकता है। डिप्रेशन से बचना है तो कुछ आदतों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लें। क्योंकि ऐसे लोगों को डिप्रेशन का खतरा दूसरों के मुकाबले कम होता है। हाल की में NIH की स्टडी में यह सामने आया है कि कुछ आदतों को अपनाने से डिप्रेशन के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
डिप्रेशन से बचने के उपाय
रिपोर्ट में कहा गया है कि जो लोग हेल्दी खाना खाते हैं, पर्याप्त नींद लेते हैं और फिजिकली एक्टिव रहते हैं, उन्हें अवसाद का खतरा दूसरों की तुलना में कम होता है। धूप में समय बिताना, आराम करना और मानसिक रूप से रिलैक्स रहना भी डिप्रेशन से बचाव में मदद करता है।
- व्यायाम करना सबसे जरूरी आदतों में शामिल है। नियमित रूप से शारीरिक गतिविधि करने से शरीर प्राकृतिक रसायन छोड़ता है, जो मानसिक शांति और खुशी का एहसास कराते हैं और नकारात्मक विचारों से दूर रखते हैं।
- हेल्दी भोजन भी अवसाद को रोकने में मदद करता है। इसमें साबुत अनाज, फल, सब्जियां, ड्राई फ्रूट्स और भरपूर पानी शामिल करना चाहिए, जिससे मानसिक और शारीरिक मजबूती दोनों मिलती हैं।
- सामाजिक जुड़ाव भी महत्वपूर्ण है। परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताना, अपनी भावनाओं को साझा करना अकेलेपन और नकारात्मक सोच को कम करता है।
- प्रकृति के नजदीक रहना, सूरज की रोशनी में बाहर समय बिताना और खुली हवा में सांस लेना मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है।
अन्य बचाव के तरीके और खतरे
मन के डर को दूर करने के लिए रोजाना कृतज्ञता का अभ्यास करना, सकारात्मक बातें लिखना और हेल्दी स्ट्रेस मैनेजमेंट अपनाना फायदेमंद है। इसके अलावा, शराब, तंबाकू और अन्य नशे से दूर रहना जरूरी है क्योंकि ये अस्थायी राहत तो देते हैं, लेकिन लंबे समय में मानसिक तनाव और बेचैनी बढ़ाते हैं। स्क्रीन पर अत्यधिक समय बिताने की आदत से भी डिप्रेशन का खतरा बढ़ सकता है।







