सावधान, आपकी लिपस्टिक में हैं खतरनाक केमिकल्स [Be careful, there are dangerous chemicals in your lipstick]

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कम-से-कम इस्तेमाल करें कॉस्मेटिक्स

मुंबई, एजेंसियां। लोगों में एक-दूसरे से सुंदर दिखने की होड़ मची है। महिला हो या पुरूष, हर कोई ब्यूटी केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल कर रहा है।

2023 में भारतीय कॉस्मेटिक्स बाजार करीब 800 करोड़ रुपए का था, जिसके 2032 तक 1800 करोड़ रूपए तक पहुंचने की उम्मीद है।

अधिकांश कॉस्मेटिक और ब्यूटी केयर प्रोडक्ट्स को बनाने में केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है। इन केमिकल्स का लंबे समय तक उपयोग करना सेहत के लिए बिल्कुल अच्छा नहीं है।

इनसे हॉर्मोनल सिस्टम में गड़बड़ी, स्किन इन्फेक्शन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा लंबे समय तक इन कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने से स्किन कैंसर होने की आशंका बढ़ जाती है।

इसलिए इन ब्यूटी केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

एक्सपर्ट डॉ. शीना कपूर, डर्मेटोलॉजिस्ट, धीरूभाई अंबानी अस्पताल, इंदौर बताती हैं कि पर्सनल हाइजीन और ब्यूटी केयर प्रोडक्ट्स को लंबे समय तक प्रोटेक्ट करने, खुशबूदार बनाने और धूप से बचाने के लिए कई केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है, जो स्किन को इन्फेक्टेड कर सकते हैं।

टैल्कम पाउडर में एस्बेस्टस सब्सटेंस बेहद खतरनाक

पसीना या बदबू हटाने के लिए लोग टैल्कम पाउडर का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन टैल्कम पाउडर स्किन के लिए नुकसानदायक होता है। यह इतना बारीक पिसा हुआ होता है कि स्किन के छिद्रों (पोर्स) को बंद कर देता है।

टेल्कम भी एक तरह का केमिकल होता है, जिसमें मैग्नीशियम और सिलिकेट मिला होता है। चूंकि पसीने में सोडियम होता है, इसलिए सोडियम, मैग्नीशियम मिलकर पसीने को सोख लेते हैं।

इसके अलावा कुछ टैल्कम पाउडर में एस्बेस्टस और स्पास्टिक नामक सब्सटेंस होता है, जो लंग्स के कैंसर का कारण बन सकता है।

नेल पॉलिश या नेल पेंट रिमूवर से इन्फेक्शन का खतरा

नेल पॉलिश में टोल्यूनिन, फॉर्मेल्डिहाइड और डिब्यूटाइल फेथलेट जैसे हानिकारक केमिकल्स होते हैं।

वहीं नेल पेंट रिमूवर में एसीटोन पाया जाता है। ये सभी सब्सटेंस स्किन के लिए नुकसानदायक होते हैं।

साथ ही अलग-अलग तरह के नेल पेंट का इस्तेमाल करने से नेल्स ड्राय, लाल और कमजोर हो जाते हैं।

इसके अलावा आजकल आर्टिफिशियल नेल्स का इस्तेमाल खूब किया जा रहा है। आर्टिफिशियल नेल को चिपकाने वाली ग्लू से भी इन्फेक्शन होने का खतरा रहता है।

हेयर रिमूवल क्रीम से स्किन इन्फेक्शन

स्किन से अनचाहे बालों को हटाने के लिए हेयर रिमूवल क्रीम का इस्तेमाल किया जाता है। हेयर रिमूवल क्रीम में कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड और पोटेशियम हाइड्रॉक्साइड जैसे केमिकल्स होते हैं, जो स्किन को जला सकते हैं या काला कर सकते हैं।

जिन लोगों की स्किन सेंसिटिव होती है, उनकी स्किन पर हेयर रिमूवल क्रीम की वजह से दाने भी निकल सकते हैं।

हेयर डाई से आंखों और स्किन एलर्जी का खतरा

हेयर डाई में कई ऐसे केमिकल्स होते हैं, जो स्किन में जलन या एलर्जी पैदा कर सकते हैं। कुछ केमिकल्स हॉर्मोन्स को बाधित कर सकते हैं।

कई हेयर डाई में अमोनिया, हाइड्रोजेन पेरॉक्साइड और पी-फेनिलेनेडियमाइन (PPD) जैसे केमिकल्स मिलाए जाते हैं।

अमोनिया बालों के प्रोटीन की परतों को अलग कर देता है ताकि डाई बालों तक पहुंच सके।

हाइड्रोजन पेरॉक्साइड बालों को ब्लीच करता है और पी-फेनिलिनेडियमिन बालों को सॉफ्ट करने का काम करता है। यह सभी आंखों में एलर्जी का कारण बन सकते हैं।

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