रांची। अदरक भारत में उगाये जाने वाली सभी मसाला फसलों में से एक प्रमुख फसल है। अदरक का वैज्ञानिक नाम जिंजिबिरेंसिया है।
- भारत में अदरक का उत्पादनः
- भारत में अदरक की प्रजातियाः
- अदरक में पायें जाने वाले पोषक तत्त्व:
- अदरक का उपयोग कैसे करेः
- अदरक के 7 फायदे :
- सूजन में अदरक के फायदे:
- एंटीऑक्सीडेंट में अदरक के फायदे:
- तंत्रिका संबंधी बीमारी में अदरक के फायदे:
- वजन नियंत्रित करने में अदरक के फायदे:
- डायबिटीज में अदरक के फायदे:
- उल्टी और मितली में अदरक के फायदे:
- एलर्जी में अदरक के फायदे:
- अदरक के नुकसानः
अदरक का वानस्पतिक नाम जिनजिबेर ओफिसिनेल (Zingiber officinale) है, जो जिंजिबिरेंसिया परिवार से है।
अदरक का व्यापक रूप से मसाले और औषधि के रूप में उपयोग किया जाता है।
भारत अदरक का विश्व में सबसे बड़ा उत्पादक है। साथ ही, सबसे बड़ा उपभोक्ता भी। यही कारण है कि अदरक निर्यात में भारत सातवें स्थान पर है।
भारत में अदरक का उत्पादनः
भारत के अधिकतर राज्यों में अदरक की खेती की जाती है। इनमें कर्नाटक, केरल, असम, मेघालय, मध्य प्रदेश, अरूणाचल प्रदेश और गुजरात शामिल हैं, जो मिलकर भारत के कुल उत्पादन का 68% उत्पादन करते हैं।
भारत में अदरक उत्पादन में मध्य प्रदेश शीर्ष स्थान पर, कर्नाटक दूसरे स्थान पर और असम तीसरे स्थान पर है।
भारत में अदरक की प्रजातियाः
भारत में अदरक की खेती के लिए विभिन्न क्षेत्रों के स्थानीय प्रजाति जैसे, मारन, कुरुप्पमपाडी, एरनाड, वारनाडू, हिमाचल और नदिया आदि का उपयोग करते हैं।
जबकि स्थानीय प्रजाति में रयो-डी-जिनेरियो बहुत लोकप्रिय प्रजाति है।
अदरक में पायें जाने वाले पोषक तत्त्व:
• पोटैशियम
• कैल्शियम
• फास्फोरस
• मैगनीशियम
• फोलेट
• कोलीन
• सेलेनियम
अदरक का उपयोग कैसे करेः
अदरक का उपयोग कई प्रकार से कर सकते हैं :
ताजी अदरक:
ताजा जड़ी वाला अदरक का उपयोग सब्जी के रूप में किया जाना चाहिए।
सूखी अदरक:
इसका उपयोग मसाला के रूप में किया जाता है। सूखे अदरक से तेल निकाला जाता है, जिसका उपयोग सॉफ्ट ड्रिंक में, कॉनफेक्शनरी में और परिरक्षक एजेंट के रूप में भोजन को स्वादिष्ट बनाने के लिए किया जाता है।
अदरक की पत्तियां:
अदरक की पत्तियों का इस्तेमाल विभिन्न भोज्य पदार्थों में स्वाद बढ़ाने वाले एजेंट के रूप में किया जाता है।
काढ़ा बनाकर:
अदरक का उपयोग दूध, शहद या जल के साथ काढ़ा बनाने में किया जा सकता है।
अदरक के 7 फायदे :
सूजन में अदरक के फायदे:
अदरक और इसका अर्क कोलाइटिस जैसी सूजन पैदा करने वाली बीमारियों को क्षीण करने में सहायक हो सकता है।
यह सूजन पैदा करने वाले ट्रांसक्रिप्शन कारकों और साइटोकिन्स को कमजोर करने में संलग्न सक्रिय यौगिकों के कारण हो सकते हैं।
एंटीऑक्सीडेंट में अदरक के फायदे:
प्रक्रियात्मक ऑक्सीजन प्रजातियों जैसे फ्री रैडिकल्स द्वारा प्रदर्शित किये गये ऑक्सीडेटिव तनाव पर अदरक का सक्रिय अवयव, 6-जिंजरोल, महत्वपूर्ण एंटीऑक्सीडेंट का काम कर सकता है। इसके लिए आप डॉक्टर से सलाह लें।
तंत्रिका संबंधी बीमारी में अदरक के फायदे:
अल्जाइमर और पार्किंसंस जैसे न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारियों के प्रबंधन में स्मृति संबंधी कार्य पर सकारात्मक प्रभाव डालकर अदरक और इसके जैविक यौगिक लाभकारी प्रभाव प्रदर्शित किये।
माइग्रेन और सरदर्द तथा मितली के लक्षणों के प्रबंधन में अदरक असरदार हो सकता है।
वजन नियंत्रित करने में अदरक के फायदे:
वजन नियंत्रण में अदरक का सेवन फायदेमंद हो सकता है। वजन को कम करने में ये मदद कर सकता है।
इसके अलावा अदरक के पाउडर के मुंह से सेवन से पाया गया होगा कि यह मनुष्यों में थर्मोरेगुलेटरी फंक्शन को उत्प्रेरित करता है और वसा को तोड़ता है।
डायबिटीज में अदरक के फायदे:
रक्त में ग्लूकोज के स्तर को महत्वपूर्ण रूप से कम करके तथा इन्सुलिन के प्रति संवेदनशीलता में वृद्धि करके डायबिटीज मेलिटस जैसे चपापचयी लक्षणों में अदरक के फायदेमंद प्रभाव प्रदर्शित हुए हैं।
शरीर में रक्त शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में अदरक का सेवन डॉक्टर के सलाह के बाद ही करें।
उल्टी और मितली में अदरक के फायदे:
गर्भावस्था में होनेवाले उल्टी एवं मितली के साथ-साथ कीमोथेरेपी के कारण होनेवाले उल्टी एवं मितली के नियंत्रण में अदरक ने अपनी भूमिका निभाई है।
लोगों को उल्टी और मितली को नियंत्रण करने के लिए अदरक का सेवन करने के पहले डॉक्टर से सहाल जरूर लेना चाहिए।
एलर्जी में अदरक के फायदे:
कोशिकाओं को सक्रिय करने हेतु साइटोकाइन उत्पादन को अवरुद्ध करके एलर्जिक राइनाइटिस (नाक की श्लेष्म झिल्ली की सूजन) के प्रबंधन में अदरक के एलर्जी-रोधी गुण को अंकित किया गया है।
यदि आपको एलर्जिक रिएक्शन महसूस होता है तो तुरंत आप अस्पताल जाएं और अपने डॉक्टर से उचित इलाज कराएं।
अदरक के नुकसानः
रिसर्च में पाया गया कि अधिकांश लोगों के लिए अदरक सामान्य मात्रा में खाना सुरक्षित है। लेकिन सामान्य मात्रा से ज्यादा का सेवन करते हैं तो ये आपके लिए नुकसानदेह साबित होगा।
रक्तस्राव का खतरा
अगर आप सामान्य से ज्यादा मात्रा मे अदरक का सेवन करते हैं तो इससे रक्तस्राव के जोखिम को बढ़ सकता है।
ज्यादा मात्रा में अदरक का सेवन से इंसुलिन को प्रभावित होने का खतरा बना रहता है। इसके साथ ही रक्त शर्करा को कम कर सकता है।
इसलिए ज्यादा मात्रा में अदरक का सेवन करने से बचना चाहिए।
सीने में जलन होना
कच्ची अदरक का सेवन करने से सीने में जलन महसूस हो सकती है। दरअसल, अदरक का सेवन अधिक करने से एसिड रिफ्लक्स की समस्यास बढ़ जाती है।
कई बार ये दर्द सीने के हिस्सेन में भी होने लगता है। जिन लोगों को हार्ट से जुड़े रोग हैं, उन्हें कच्ची अदरक खाने से परहेज करना चाहिए।
लो ब्लड प्रेशर की समस्या
जिन लोगों को ब्लडप्रेशर लो रहने की शिकायत रहती है, उन्हें अदरक का सेवन संभलकर ही करना चाहिए।
अदरक की ज्यादा मात्रा उनकी सेहत को फायदे की जगह नुकसान पहुंचा सकती है। अदरक में खून पतला करने का गुण (ब्लड थिनर) मौजूद होता है।
जिसकी वजह से लो बीपी वाले लोगों की समस्या बढ़ सकती है। इसलिए लो ब्लड प्रेशर वाले को अदरक का सेवन कम ही करना चाहिए।
इसके अलावा डॉक्टर पाइल्स यानी कि बवासीर रोग से पीड़ित व्यक्तियों को भी अदरक के सवन से परहेज करने को कहते हैं।
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