म्यूचुअल फंड निवेश पर दूसरे के मुकाबले आपको मिलेगा ज्यादा रिटर्न, लेकिन करना होगा आपको ये 5 काम [You will get more returns on mutual fund investment than others, but you will have to do these 5 things]

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नई दिल्ली, एजेंसियां। इस समय म्यूचुअल फंड छोटे निवेशकों के बीच काफी तेजी से पॉपुलर हुआ है। SIP के जरिये आज छोटे निवेशक भी बड़ा पैसा बना रहे हैं।

हालांकि, अब जब मार्केट अपने रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंच गया है तो पैसा बनाना आसान नहीं होगा।

ऐसे में अगर आप चाहते हैं कि आपके निवेश पर लगातार तगड़ा रिटर्न मिलता रहे तो कुछ काम आपको समय-समय पर करते रहना होगा।

अगर आप ऐसा करेंगे तो आप दूसरे निवेशकों के मुकाबले न सिर्फ ज्यादा रिटर्न ले पाएंगे बल्कि आपका पैसा भी म्यूचुअल फंड में सेफ रहेगा।

आइए जानते हैं कि म्यूचुअल फंड पर तगड़ा रिटर्न के लिए क्या करना होगा?

फंड का चुनाव

फंड का चुनाव करने में काफी सावधानी बरतें। आप अपने वित्तीय लक्ष्यों और जोखिम लेने की क्षमता को समझकर, ही फंड चुनें।

म्यूचुअल फंड विभिन्न प्रकार के स्कीम में उपलब्ध हैं, जिनमें इक्विटी फंड, डेट फंड, हाइब्रिड फंड और थीमैटिक फंड शामिल हैं।

प्रत्येक श्रेणी अलग-अलग उद्देश्यों को पूरा करती है और अलग-अलग जोखिम स्तर प्रस्तुत करती है।

ऐसे फंड चुनें जो आपकी जरूरत को पूरा करने वाला है। अगर खुद से न समझ में आए तो किसी फाइनेंशियल एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

इक्विटी फंड लंबी अवधि में बंपर रिटर्न देता है, लेकिन इनमें जोखिम अधिक होता है।

डेट फंड कम जोखिम वाले विकल्प हैं जो आय सृजन और पूंजी संरक्षण पर ध्यान केंद्रित करता हैं।

हाइब्रिड फंड इक्विटी और डेट दोनों के तत्वों को मिलाते हैं, जो जोखिम और रिटर्न के बीच संतुलन प्रदान करता हैं।

फंड का प्रदर्शन

म्यूचुअल फंड के ऐतिहासिक प्रदर्शन को देखें। आदर्श रूप से कई समय-अवधि में, जैसे कि 1 वर्ष, 3 वर्ष या 5 वर्ष।

लगातार रिटर्न की तलाश करें और फंड के प्रदर्शन की तुलना उसके बेंचमार्क इंडेक्स और पीयर ग्रुप से करें। याद रखें कि पिछला प्रदर्शन भविष्य के परिणामों का संकेत नहीं है।

फंड मैनेजर और फंड हाउस

किसी भी म्यूचुअल फंड स्कीम में निवेश से पहले यह पता करें कि उसक फंड का फंड हाउस यानी कंपनी और फंड मैनेजर कौन है।

फंड हाउस और फंड मैनेजर दोनों के ऐतिहासिक प्रदर्शन की समीक्षा करें। अच्छे म्यूचुअल फंड स्कीम का चयन करने में ये दोनों महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

एक्सपेंस रेश्यो

एक्सपेंस रेश्यो फंड का वार्षिक प्रबंधन शुल्क होता है। यह फंड मैनेजर को देना होता है। आम तौर पर, कम एक्सपेंस रेश्यो निवेशकों के लिए अधिक फायदेमंद होते हैं, जिससे बेहतर रिटर्न मिलता है।

इसलिए किसी भी फंड में निवेश करने से पहले एक्सपेंस रेश्यो को जरूर चेक करें। ऐसा कर आप बड़ी बचत और बेहतर रिटर्न ले पाएंगे।

एग्जिट लोड

किसी भी म्यूचुअल फंड में निवेश से पहले यह पता करें कि अगर आप समय से पहले उसमें से पैसा निकालेंगे तो एग्जिट लोड यानी निकासी शुल्क कितना देना होगा।

इसके बाद फंड की लिक्विडिटी का आकलन भी करें। अगर आप इन बातों का ख्याल रखेंगे तो यकीन मानिए आप अपने निवेश पर दूसरे के मुकाबले अधिक रिटर्न ले पाएंगे।

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