नयी दिल्ली, एजेंसियां : मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव सीताराम येचुरी ने यहां कहा कि लोकसभा में अपनी कम संख्या के बावजूद वाम दल सत्तारूढ़ भाजपा के खिलाफ विभिन्न मुद्दों पर संघर्ष में एजेंडा तय करने में सबसे आगे रहे हैं।
उन्होंने इस क्रम में अनुच्छेद 370, संशोधित नागरिक कानून (सीएए), कृषि कानून और चुनावी बॉण्ड जैसे मुद्दों का जिक्र किया।
इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि आगामी चुनावों में उनकी पार्टी के प्रदर्शन में सुधार होगा।
येचुरी ने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दक्षिणी राज्यों में अपने पैर नहीं जमा सकेगी।
मतदाताओं के सिमटते आधार का सामना कर रहे वाम दलों के लिए मौजूदा लोकसभा चुनाव वस्तुतः ‘‘करो या मरो’’ जैसी स्थिति है।
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