शिमला : वुडविल पैलेस शिमला की पुरानी ऐतिहासिक विरासत में से एक है। अब ये भवन हेरिटेज होटल में तब्दील हो चुका है। अंग्रेज अफसर के निवास से लेकर जुब्बल के राजा से जुड़ा इसका इतिहास बड़ा ही रोचक है। वुडविल पैलेस अंग्रेज अफसर का निवास स्थान हुआ करता था। जिसे राजा भगत चंद ने खरीदा और यहां एक भव्य महल बनवाया, बाद में इस महल को अपनी बेटी को दहेज में दे दिया। वुडविल पैलेस जनरल सर विलियम रोज मैन्सफील्ड का निवास स्थान था, जो तत्कालीन में भारतीय सेना का कमांडर-इन-चीफ था। इस इमारत को जनरल सर आर्थर मिलफोर्ड बीचर से 1866 में 22,000 रुपये के भुगतान के बाद खरीदा गया था।
फिर यह कमांडरों-इन-चीफ का भी ग्रीष्मकालीन निवास स्थान बन गया। सर जेम्स वॉकर ने वुडविल का यह घर खरीद कर, इसे एलायंस बैंक को बेच दिया और ये बैंक के प्रबंधक का आधिकारिक निवास बन गया, लेकिन बाद में 1923 में बैंक ढह गया और वुडविल को जुब्बल के तत्कालीन राजा भगत चंद ने खरीद लिया. ये भवन राजा का ग्रीष्मकालीन महल बन गया। बताया जाता है कि बाद में राजा ने ये आलीशान महल अपनी बेटी को दहेज में दे दिया। जुब्बल राज परिवार यहां 1977 तक रहा लेकिन इसके बाद भगत चंद के पोते राजकुमार उदय सिंह ने इसे हेरिटेज होटल में बदल दिया। अब ये महल होटल बन चुका हैं। वुड विला पैलेस केवल होटल और शादी के लिए ही नहीं जाना जाता है, बल्कि इस पैलेस में 25 से अधिक फिल्मों व टीवी सीरियल की शूटिंग हुई है।
अमिताभ बच्चन की मुकद्दर का सिंकदर हो या फिर ब्लैक, स्टूडेंट ऑफ द इयर, थ्री इडियट, बडे़ दिलवाले, चोरी-चोरी, कुदरत, लूटमार, राजू चाचा, बादल, मोहब्बत के दुश्मन, मिली व काव्याजंलि आदि फिल्मों की शूटिंग यहां हुई है। 25 अक्टूबर 1949 को जुब्बल रियासत के राज परिवार में पैदा हुए कंवर उदय सिंह का जन्म मुंबई के एक प्राइवेट नर्सिंग होम में हुआ। प्राइमरी स्कूलिंग उन्होंने शैलेट-डे स्कूल से की। इसके बाद आगे की पढ़ाई बिशप कॉटन स्कूल से। बीसीएस से पढ़ाई करने के बाद उन्होंने दिल्ली के हिंदू कॉलेज से बीए और बाद में एमए किया।
कंवर उदय सिंह बताते हैं कि जब वह बिशप कॉटन स्कूल में पढ़ाई कर रहे थे तो उस वक्त स्कूल में सिर्फ 8 ही हिमाचल के स्टूडेंट्स थे। राजकुमार उदय सिंह का विवाह राजकुमारी विभूति सिंह के साथ हुआ था। विभूति को शादी के बाद राज कंवर रानी के नाम से पहचाना जाने लगा। इनके परिवार में दो बच्चे हुए जिनमें कंवर दिवराज सिंह और कुमारी दिव्या सिंह।
कंवर दीवराज सिंह का विवाह मध्य प्रदेश के एक राज परिवार और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके अर्जुन सिंह की पोती कंवर रानी अाराधना सिंह के साथ हुआ है। कंवर दिवराज सिंह भी अपने पिता की भांति होटल व्यवसाय को आगे बढ़ाना चाहते हैं लेकिन इसमें वे अपनी पुरानी विरासत को भी साथ में सहेजना चाहते हैं ताकि लोगों को पुरानी विरासत से भी अवगत करवाया जा सके।








