वैश्विक स्तर पर 1-2 प्रतिशत सफेद दाग क्यों होता है, जानें कारण और निवारण [Why does 1-2 percent of vitiligo occur globally? Know the causes and prevention]

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रांची। जून महीने की 25 तारीख। एक ऐसा दिवस, जब पूरा विश्व विटिलिगो दिवस मनाता है।

उद्देश्य यह कि लोग सफेद दाग को स्टिग्मा न समझें, बल्कि इसे त्वचा की एक सामान्य बीमारी की तरह ट्रीट करें। लोग इस मामले में जागरूक हों, संबंधित लोगों से सहृदयता बनाएं रखें।

आपको बता दें, विटिलिगो को पर्पल फन डे भी कहा जाता था, क्योंकि बैंगनी रंग इस स्थिति का आधिकारिक प्रतिनिधित्व करता है।

विटिलिगो त्वचा की एक स्थिति है, जो वैश्विक स्तर पर 1-2 प्रतिशत लोगों को प्रभावित करती है। इसका मूल कारण रंगद्रव्य बनाने वाली मेलानोसाइट्स की कोशिकाओं का डैमेज हो जाना है।

विटिलिगो को क्रोनिक ऑटोइम्यून डिसऑर्डर कहा जाता है, जिसके कारण स्किन के रंग रंगहीन हो जाते हैं।

ऐसा तब होता है जब मेलानोसाइट्स त्वचा की कोशिकाएं जो रंगद्रव्य बनाती हैं, खत्म हो जाती हैं, जिससे त्वचा का रंग दूधिया या सफेद हो जाता है। यह सभी उम्र, लिंग और जातीय पृष्ठभूमि के लोगों को प्रभावित करता है।

सफेद दागों के लिए घरेलू उपचार

एक बार जब आप त्वचा विशेषज्ञ के पास जाते हैं, तो वह आपकी त्वचा की स्थिति के आधार पर आपको दवा देगा।

हालाँकि, कुछ घरेलू उपचार हैं जिन्हें आपको अपनी त्वचा की स्थिति के लिए दवा लेते समय ध्यान में रखना चाहिए। यहाँ सफ़ेद दागों के इलाज के लिए कुछ घरेलू उपचार दिए गए हैं।

तांबे के बर्तनों में ही पानी पिएं और भोजन करें। खास तौर पर रात भर रखे तांबे के बर्तन से ही पानी पिएं।

अंजीर का सेवन करें

अदरक का रस पीएं क्योंकि इससे आपकी त्वचा पर सफेद धब्बों में रक्त का प्रवाह बढ़ जाता है।
अनार के पत्तों को सुखाकर चूर्ण बना लें, इसे 8 ग्राम की मात्रा में पानी में मिलाकर प्रतिदिन सुबह सेवन करें।

सूखे पत्ते, फल और फूल बराबर मात्रा में लें। आपको बस इतना करना है कि इस पाउडर का 1 चम्मच पानी में मिलाकर पी लें।

नियमित रूप से छाछ का सेवन करें।

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