Gen-Z anger in PoK:
मुज़फ्फराबाद, एजेंसियां। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) में जेनरेशन-Z के छात्रों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। शुरुआत में शिक्षा सुधारों, बढ़ती फीस और मूल्यांकन प्रक्रिया के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों का आक्रोश अब पूरी तरह से पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार के खिलाफ बदल गया है।
विरोध प्रदर्शन मुजफ्फराबाद की प्रमुख यूनिवर्सिटी में शुरू हुआ था, जहां छात्रों ने बेहतर सुविधाओं और उच्च शुल्क में पारदर्शिता की मांग की थी। प्रशासन ने राजनीतिक गतिविधियों पर रोक लगा दी, जिससे छात्रों का असंतोष और बढ़ गया।
क्या हुआ मामला?
स्थिति तब बिगड़ी जब एक अज्ञात बंदूकधारी ने छात्रों पर फायरिंग कर दी, जिसमें एक छात्र घायल हुआ। इस घटना के बाद प्रदर्शनकारी उग्र हो गए और उन्होंने टायर जलाए, आगजनी की और तोड़फोड़ की। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में इस घटना का भयावह दृश्य देखा गया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने पाकिस्तान सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी भी की।
विशेषज्ञों का कहना
विशेषज्ञों का कहना है कि POK में छात्रों द्वारा किया गया यह आंदोलन नेपाल और बांग्लादेश में हुए हालिया जेन-Z विरोध प्रदर्शनों की तरह ही व्यापक और तेज है। 2024 में भी इसी प्रकार के विरोध प्रदर्शन हुए थे, जब छात्रों ने सेमेस्टर फीस के नाम पर भारी वसूली और प्रशासनिक कर्मचारियों ने वेतन वृद्धि की मांग की थी।अब पूरे इलाके में तनाव का माहौल है और शहबाज शरीफ सरकार की टेंशन बढ़ गई है। सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर कड़ी निगरानी रख रही हैं, जबकि छात्रों की मांगों को लेकर प्रशासन और सरकार के बीच गतिरोध जारी है।
इस व्यापक आंदोलन ने यह साफ कर दिया है कि POK में जेन-Ζ छात्र केवल शिक्षा सुधार ही नहीं बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता और सरकारी जवाबदेही की भी मांग कर रहे हैं।
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