नई दिल्ली : न्यायाधीश बनकर अपराधियों को जमानत देने से लेकर लग्जरी कार चुराने में माहिर अपराधी धनीराम मित्तल की 85 साल की उम्र में मौत हो गई।
पुलिस ने बताया कि कई दशकों तक अपराध की दुनिया में सक्रिय रहे मित्तल की बृहस्पतिवार को मौत हो गई, जो स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों से जूझ रहा था।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब और राजस्थान में चोरी के 150 मामलों में मित्तल 90 से अधिक बार जेल गया था।
उन्होंने कहा, ‘‘मित्तल के अपराधों की सूची लंबी है, वह अपने जीवनकाल में चोरी, धोखाधड़ी और जालसाजी के 1,000 से अधिक मामलों में सीधे तौर पर शामिल था।’’
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मित्तल सबसे पहले 1964 में धोखाधड़ी के एक मामले में फंसा था और उसके बाद वह लगातार अपराध में लिप्त रहा।
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