l वैदिक पंचांग l Vedic  Almanac l Date – 20 मार्च 2025l

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दिनांक – 20 मार्च 2025
दिन – गुरूवार
विक्रम संवत – 2081
शक संवत -1946
अयन – उत्तरायण
ऋतु – वसंत ॠतु
मास – चैत्र
पक्ष – कृष्ण
तिथि – षष्ठी 21 मार्च रात्रि 02:45 तक तत्पश्चात सप्तमी
नक्षत्र – अनुराधा रात्रि 11:31 तक तत्पश्चात ज्येष्ठा
योग – वज्र शाम 06:20 तक तत्पश्चात सिद्धि
राहुकाल – दोपहर 02:17 से शाम 05:48 तक
सूर्योदय 06:04
सूर्यास्त – 05:48
दिशाशूल – दक्षिण दिशा मे
व्रत पर्व विवरण-
विशेष- षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

21 मार्च से 22 मार्च तक लाख गुना पुण्य प्राप्ति महायोग का लाभ अवश्य ले

व्यतिपात योग

21 मार्च 2025 शुक्रवार को शाम 06:42 से 22 मार्च, शनिवार को शाम 06:37 तक व्यतिपात योग है। व्यतिपात योग की ऐसी महिमा है कि उस समय जप पाठ प्राणायम, माला से जप या मानसिक जप करने से भगवान की और विशेष कर भगवान सूर्यनारायण की प्रसन्नता प्राप्त होती है जप करने वालों को, व्यतिपात योग में जो कुछ भी किया जाता है उसका १ लाख गुना फल मिलता है। वाराह पुराण में ये बात आती है व्यतिपात योग की।

भविष्य पुराण

भविष्य पुराण में माना गया है कि हर इंसान को उसके शरीर, मन व बातों से किए गए पापों को भोगना पड़ता है। उसमें भी कुछ काम ऐसे हैं जिन्हें महापाप माना गया है। आइए जानते हैं पांच ऐसे ही महापापों के बारे में जिन्हें करने वालों को नरक में सबसे ज्यादा यातनाएं झेलनी पड़ती है।
ये हैं 5 सबसे बड़े पाप, इन्हें करने वालें को नर्क में मिलती है सबसे ज्यादा सजा

1 अनीति का धन

किसी को ठग कर गलत काम कर या किसी के हिस्से की वस्तु को चुराकर धन एकत्रित करना और धन का दान न करने वाले को भी भविष्यपुराण में महापापी माना गया है।

2 गुरु से धोखाधड़ी

गुरु मनुष्य को अच्छे-बुरे का ज्ञान देते है। गुरु को पिता के समान मानना चाहिए। गुरु के साथ कभी भी कंपट एवं धोखाधड़ी नहीं करनी चाहिए। ऐसा करना सबसे बड़ा पाप माना गया है। ऐसे इंसान को उसके पापों की सजा मिलती है।

3 पशुओं पर अत्याचार

पशुओं पर अत्याचार करना, ब्राह्मण की हत्या या उसका अपमान करना, नौकरों से बुरा व्यवहार करने वाले मनुष्य को भी कुंभीपाक नाम के नर्क की यातना सहनी पड़ती है। इसलिए भुलकर भी ये महापाप नहीं करना चाहिए।

4 शराब पीना

शराब में तीन प्रकार के पाप बताएँ गए है। स्त्री हो या पुरुष सभी को शराब व अन्य मादक पदार्थों से दुर रहना चाहिए। किसी भी तरह की शराब पीने से मनुष्य महापाप का भागी बन जाता है।

5 चोरी करना

जो मनुष्य दुसरों की वस्तु हड़पने या चुराने की कोशिश करता है, वह पापी माना गया है। चोरी करने वाले इंसान या ऐसे काम में साथ देने वाले को नर्क में दुःख भोगने पड़ते है।इसलिए मनुष्य को कभी भी ये महापाप नहीं करना चाहिए।

सफलता पाने हेतु

सुबह उठो तो उससे थोड़ी देर विश्रांति पाकर प्रार्थना करके बाद में अपना जिस नथुने से श्वास चलता है वही हाथ मुंह को उसी तरफ घुमाकर वही पैर धरती पे रखोगे तो आपको कार्यों में भी सफलता की मदद मिलेगी…. विघ्न बाधाएँ आराम से टलेंगे । लेकिन ईश्वर केवल विघ्न बाधा टालने के लिए नहीं है ! ईश्वर तो पाने के लिये है ! आप सम्राट से चपरासी का काम ज्यादा दिन मत लेना।

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