दिनांक – 01 मार्च 2024
दिन – शुक्रवार
विक्रम संवत – 2080
शक संवत -1945
अयन – उत्तरायण
ऋतु – वसंत ॠतु
मास – फाल्गुन
पक्ष – कृष्ण
तिथि – षष्ठी पूर्ण रात्रि तक
नक्षत्र – स्वाती दोपहर 12:48 तक तत्पश्चात विशाखा*
योग – ध्रुव शाम 06:15 तक तत्पश्चात व्याघात
राहुकाल – सुबह 11:23 से दोपहर 12:51 तक
सूर्योदय-06:09
सूर्यास्त- 06:41
दिशाशूल – पश्चिम दिशा में
व्रत पर्व विवरण – षष्ठी वृद्धि तिथि
विशेष – षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
इसमे भोजन करने से स्वर्ण के बर्तन मे भोजन करने का पुण्य लाभ होगा | सेब का करे यह प्रयोग मन शांत रहेगा।
अनिद्रा के रोग में
ग्राम तरबूज के सफ़ेद बीज पीसके उसमें ३ ग्राम खसखस पीस के सुबह अथवा शाम को १ हफ्ते तक खाएं ।
६ ग्राम खसखस २५० ग्राम पानी में पीस के छान लें और उसमें २०-२५ ग्राम मिश्री मिलाकर सुबह या शाम पियें ।
मीठे सेब का मुरब्बा खाएं । रात को दूध पियें । रात को सोते समय ॐ का लम्बा उच्चारण १५ मिनट तक करें ।
क्रोधी व्यक्ति के लिए
जिन्हें गुस्सा आता हो, वे सुबह २ मीठे सेब खूब चबा -चबा कर खाएं ।
पत्तल में भोजन के लाभ
पलाश के पत्तल में भोजन करने से स्वर्ण के बर्तन में भोजन करने का पुण्य व आरोग्य मिलता है ।
केले के पत्तल में भोजन करने से चांदी के बर्तन में भोजन करने का पुण्य व आरोग्य मिलता है ।
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