नई दिल्ली, एजेंसियां। UPSC ने लेटरल एंट्री के जरिए 45 जॉइंट सेक्रेटरी, डिप्टी सेक्रेटरी और डायरेक्टर लेवल की नौकरियां निकाली हैं। इसका विपक्षी पार्टियों ने विरोध किया है।
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने X पर लिखा, ‘नरेंद्र मोदी UPSC की जगह RSS के जरिए लोकसेवकों की भर्ती कर संविधान पर हमला कर रहे हैं। खुलेआम SC, ST और OBC वर्ग का हक छीना जा रहा है।’

वहीं RJD नेता तेजस्वी यादव ने लिखा कि सरकार SC-ST को पद देने से बचना चाहती है।
अब तक की सबसे बड़ी लेटरल भर्ती
UPSC ने 45 पदों पर लेटरल भर्ती का नोटिफिकेशन 17 अगस्त को जारी किया था। ये अब तक की सबसे बड़ी लेटरल भर्ती है।
लेटरल भर्ती में कैंडिडेट्स बिना UPSC की परीक्षा दिए रिक्रूट किए जाते हैं। इसमें आरक्षण के नियमों का भी फायदा नहीं मिलता।
क्या है एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया
यह नौकरी 3 साल के लिए कॉन्ट्रैक्ट बेस्ड होगी। जॉइंट सेक्रेटरी पद पर 15 साल, डायरेक्टर के लिए 10 साल और डिप्टी सेक्रेटरी के लिए 7 साल का वर्क एक्सपीरिएंस मांगा गया है। वहीं, अलग-अलग पदों के हिसाब से एजुकेशनल क्वालिफिकेशन भी निर्धारित की गई है।
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