नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय रेल में जल्द ही मुफ्तखोरी बंद होने जा रही है। भारतीय रेल के एक नये नियम से ट्रेनों में मुफ्त की यात्रा बंद हो जायेगी।
इस नये नियम के तहत रेलवे फ्री पास की सुविधा बंद करने जा रहा है। फ्री पास की सुविधा अभी तमाम रेलवे अधिकारी और कर्मचारियों को हासिल है।
बता दें कि भारतीय रेल में 13 लाख से ज्यादा कर्मचारी हैं, जो इस सुविधा का उपभोग करते हैं, जिसके कारण रेलवे को हर साल करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ता है।
इसलिए रेलवे ने बड़ी पहल की है। नए नियम के मुताबिक अब बड़े से बड़े अधिकारी को भी पास होने के बावजूद टिकट का पूरा किराया देकर सफर करना होगा।
बताते चलें कि हर साल रेल कर्मचारियों को तीन और अधिकारियों को छह विशेषाधिकार पास मिलते हैं।
इस पास के जरिये वे देशभर में मुफ्त में रेल यात्रा कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें चार अलग-अलग रंगो के पास जारी किए जाते हैं।
ग्रेड वन और टू रैंक के अधिकारियों का पास सफेद, ग्रेड थ्री का हरा और पीला तथा ग्रेड फोर के कर्मियों का पास लाल और पीले रंग का होता है।
सफेद पास के साथ रेलवे अधिकारी ट्रेन की सेकेंड एसी डब्बे में परिवार के साथ मुफ्त में सफर कर सकते हैं।
फ्री पास की सुविधा के कारण हर साल रेलवे का अच्छा-खासा नुकसान उठाना पड़ता है। हालांकि रेलवे के पास इस तरह के मुफ्त पासों से होने वाले नुकसान का कोई ब्योरा नहीं है।
रेलवे के इस कदम के पीछे एक और बड़ा कारण फ्री पास का दुरुपयोग है। बताया जाता है कि आधे केलवे के फ्री पास रिश्तेदारों और दोस्तों के बीच बांटे जाते हैं।
इतना ही नहीं, रेलवे को ये शिकायत भी मिली है कि कई फ्री पास अच्छी खासी रकम लेकर बेचे भी जाते हैं।
रेलवे ट्रेवल पास के दुरुपयोग का सवाल हमेशा ही उठता रहा है। हालांकि नियमों के तहत प्रावधान है कि फ्री पास का दुरुपयोग करने पर कर्मी को बर्खास्त तक किया जा सकता है।
बावजूद इसके पास के दुरुपयोग की शिकायतें मिलती रहती हैं। अब जब ये सभी रेलवे कर्मचारी और अधिकारी टिकट का पूरा किराया देकर सफर करेंगे, तो जाहिर है इससे इससे रेलवे को करोड़ों की आय भी होगी।
एक ओर जहां रेलवे के इस कदम की सराहना हो रही है, वहीं रेलकर्मियों में इसे लेकर नाराजगी देखी जा रही है।
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