धनबाद, एजेंसियां: NEET पेपर लीक मामले का फरार आरोपी अविनाश उर्फ बंटी की गिरफ्तारी के बाद धनबाद से ही पवन को भी सीबीआइ ने गिरफ्तार कर लिया है।
फिर दोनों की निशानदेही पर CBI की टीम शहीद गुरुदास चटर्जी फुटबॉल मैदान के पास भाटबांध तालाब पहुंची।
स्थानीय गोताखोरों की मदद से CBI ने यहां से एक सीमेंट की बोरी से एक दर्जन टूटे हुए मोबाइल, दो इंसुलेटर और गले हुए कई डॉक्यूमेंट्स बरामद किए हैं।
स्थानीय गोताखोरों ने करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद एक सीमेंट की बोरी तालाब से बाहर निकाली। इसमें बंद मोबाइलों की संख्या देख CBI अधिकारी भी हैरान रह गये।
बताया जा रहा है कि इन टूटे-फूटे मोबाइलों की संख्या एक हजार से ज्यादा है। इसके बाद जो खुलासे होते चले गये, वो चौंकानेवाले हैं। आगे की जांच में सीबीआइ को बंटी के ठिकाने से ब्लूटूथ, प्रिंटर और अन्य डिवाइस भी मिले।
फिर खुलासा हुआ कि बंटी ने ही झारखंड में सेट किए गए अभ्यर्थियों को 16 मोबाइल से NEET UG परीक्षा के दिन, यानी 5 मई को पेपर और आंसर भेजे थे। सबूत मिटाने के लिए उसने सभी मोबाइल तालाब में फेंक दिए थे।
बंटी को CBI ने 30 जुलाई तक के लिए रिमांड पर लिया है। CBI की गिरफ्त में आए बंटी के चचेरे भाई शशिकांत की निशानदेही पर उसकी गिरफ्तारी हुई।
इससे पहले धनबाद से एक और आरोपी अमन आनंद भी गिरफ्तार हुआ था। बंटी प्रश्न पत्र चोरी कराने और उनको अभ्यर्थियों तक पहुंचाने का मुख्य आरोपी है।हजारीबाग से प्रश्नपत्र लीक होने के बाद मेडिकल स्टूडेंट से पेपर सॉल्व कराया गया।
पटना में इस मामले में आरोपी चिंटू और पिंटू ने अभ्यर्थियों को 4 मई की रात से ही रामकृष्णानगर स्थित लर्न एंड प्ले स्कूल में बुलाकर रखा था।
5 मई को करीब 9 बजे प्रश्नपत्र और आंसर आया। चिंटू-पिंटू ने इन अभ्यर्थियों को पेपर और आंसर देकर रटवाया। उसके बाद चिंटू ने गंगा पथ पहुंचने के बाद गंगा में मोबाइल, प्रिंटर आदि को फेंक दिया, जिसे अब तक बरामद नहीं किया जा सका।
बंटी NEET पेपर लीक मामले के पहले से अपने चचेरे भाई शशिकांत पासवान के जरिए रॉकी और पंकज को पहले से जानता था। बंटी शुरू से NEET पेपर लीक मामले से जुड़ा रहा।
अभ्यर्थी खोजना, उनसे पैसे का लेनदेन करने से लेकर पेपर चोरी करने और उसे अभ्यर्थियों तक पहुंचाना, इन सब में बंटी सीधे-सीधे जुड़ा रहा। बंटी का नाम CBI को सब से पहले रॉकी ने ही बताया था।
बंटी की निशानदेही के बाद बरामद मोबाइल से CBI को अहम सुराग हाथ लगने की संभावना है। टीम फिर से रॉकी को रिमांड पर लेकर रॉकी, शशिकांत और बंटी से आमने सामने बिठाकर पूछताछ करेगी।
इस मामले में अभी पटना AIIMS के चार मेडिकल स्टूडेंट चंदन सिंह, कुमार शानू, राहुल आनंद, करम जैन, रांची RIIMS की सुरभि कुमारी और भरतपुर मेडिकल कॉलेज के कुमार मंगलम और दीपेंद्र शर्मा CBI की गिरफ्त में आ चुके हैं।
इन्हीं सात स्टूडेंट्स ने NEET के पेपर को सॉल्व किया। दो ने फिजिक्स, दो ने केमिस्ट्री और तीन ने बायोलॉजी के प्रश्न पत्र सॉल्व किए थे। इन सभी छात्रों को सुरेंद्र ने रांची ले जाने की व्यवस्था की थी।
सुरेंद्र परीक्षा माफिया और मेडिकल स्टूडेंट के बीच की कड़ी है। सुरेंद्र भी गिरफ्तार हो चुका है। CBI ने पटना AIIMS से जो 27 अटेंडेंस रजिस्टर जब्त किए हैं, उनका एनालिसिस कर रही है। CBI देख रही है कि 5 मई से पहले और बाद में कौन-कौन छात्र कॉलेज से गायब थे।
इसे भी पढ़ें
नीट पेपर लीक का केंद्र हजारीबाग का ओएसिस, यहीं से हुआ पेपर लीक









