वकील बोले- हाईकोर्ट जाएंगे
वाराणसी, एजेंसियां। वाराणसी में ज्ञानवापी के पूरे परिसर का सर्वे नहीं होगा। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने हिंदू पक्ष की याचिका खारिज कर दी। हिंदू पक्ष ने दावा किया था कि मुख्य गुंबद के नीचे 100 फीट का शिवलिंग मौजूद है।
ऐसे में पूरे परिसर की खुदाई कराकर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) से सर्वे कराया जाए। हिंदू पक्ष के वकील जय शंकर रस्तोगी ने बताया कि हम इस मामले को लेकर अब हाईकोर्ट जाएंगे।
एक वकील मदन मोहन ने बताया कि वजू खाना और ASI सर्वे कराने की मांग पहले से ही हाईकोर्ट में लंबित है। उसके विरोधाभास में जिला कोर्ट कोई आदेश नहीं दे सकती थी। शायद इसी वजह से याचिका खारिज कर दी गई है।
33 साल पुराना केस:
फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 1991 में दायर याचिका पर फैसला सुनाया। इसे 33 साल पहले स्वयंभू विश्वेश्वर ज्योतिर्लिंग की ओर से पं. सोमनाथ व्यास, डॉ. रामरंग शर्मा और पं. हरिहरनाथ पांडेय ने पूरे परिसर की ASI सर्वे की मांग उठाई थी। हालांकि, तीनों की मौत हो चुकी है। अब वादी वादमित्र विजय शंकर रस्तोगी हैं।
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