गन्ने के खेत में कई दिनों से रात में होती थी हलचल,[There was commotion in the sugarcane fields at night for many days,]

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गांव वालों ने सामने जा कर देखा तो निकल गई चीख

माधोटांडा, एजेंसियां। जंगल से निकलकर एक बाघ गांव में आबादी के निकट पहुंच गया। बाघ ने एक पालतू गाय पर हमला करके उसे अपना शिकार बना लिया। इस घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत फैल गई। वन विभाग की ओर से सुरक्षा के लिए घरों के आसपास जाल लगा दिया गया है।

बता दें कि थाना क्षेत्र के गांव चांदूपुर निवासी दलजीत सिंह ने शनिवार को अपने घर के पास ही अपनी गाय बांध रखी थी। शाम को जंगल से बाहर निकले एक बाघ ने गाय पर हमला कर दिया। बाघ के हमले से गाय की मृत्यु हो गई।

ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी। वन विभाग की टीम मौके पहुंची लेकिन तब तक काफी अंधेरा हो गया था। जिस स्थान पर बाघ ने गाय को मारा उसके आसपास सभी खुले हुए घर हैं। रात्रि में बाघ घर के भीतर न घुस सके इसके लिए वन विभाग ने घरों के चारों ओर जाल लगा दिया।

गन्ने के खेत में डेरा डाले हुआ है बाघ

रविवार को सुबह को जब ग्रामीणों ने देखा तो गाय का शव वहां पर मौजूद नहीं था। इधर उधर देखने के बाद गन्ने के खेत में गाय का अधखाया शव पड़ा मिला।

रात में बाघ शव को गन्ना के खेत में खींच ले गया था। वन कर्मियों की टीम ने बाघ के पग चिह्नों को देखा। बाघ अभी गन्ना के खेत में ही डेरा डाले हुए है।

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