होशियारपुर। बिना ड्राइवर के एक गुड्स ट्रेन जम्मू-कश्मीर के कठुआ से चल कर पंजाब पहुंच गई।
करीब 78 किलोमीटर तक मालगाड़ी ऐसे ही दौड़ती रही। यहां तक कि इस ट्रेन में गार्ड भी नहीं था। होशियारपुर के ऊंची बस्सी रेलवे स्टेशन पर लकड़ी के स्टॉपर लगाकर ट्रेन को रोकना पड़ा।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घटना की जांच के आदेश दिये हैं। घटना के बारे में बताया जा रहा है कि कठुआ रेलवे स्टेशन पर ड्राइवर मालगाड़ी का इंजन स्टार्ट कर बिना हैंड ब्रेक लगाए नीचे उतर गया था।
पठानकोट की तरफ ढलान होने की वजह से मालगाड़ी चल पड़ी। उस समय ट्रेन में गार्ड भी मौजूद नहीं था। रेलवे के अधिकारियों को मालगाड़ी के चलने का पता चला तो उसे कठुआ रेलवे स्टेशन पर इसे रोकने की कोशिश की गई, लेकिन असफल रहे।
कुछ देर में मालगाड़ी ने रफ्तार पकड़ ली। देखते ही देखते मालगाड़ी की रफ्तार 80/KM प्रति घंटे तक पहुंच गई।
कठुआ रेलवे स्टेशन के अधिकारियों ने तुरंत पंजाब के पठानकोट में सुजानपुर रेलवे स्टेशन को सूचित किया। यहां भी ट्रेन को रोकने की कोशिश की गई।
रेलवे लाइन पर स्टॉपर लगाए गए। पर सारी कोशिश नाकाम रही। ट्रेन इस बीच कई स्टेशनों को पार करती गई।
इस दौरान पठानकोट कैंट, कंडरोड़ी, मीरथल, बंगला और मुकेरियां में ट्रेन को रोकने की कोशिश की गई। इसके बाद जैसे-जैसे जमीन समतल होती गई, ट्रेन की रफ्तार भी कम होती गई।
अंत में होशियारपुर के ऊंची बस्सी रेलवे स्टेशन ज्यादा संख्या में लकड़ी के स्टापर लगाये है, जिससे ट्रेन रोकी जा सकी।
इधर, जम्मू रेलवे डिवीजन ट्रैफिक मैनेजर ने बताया कि घटना की जांच शुरू हो गई है। रेलवे अधिकारी ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सख्त कदम उठा रहे हैं।
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