पटना, एजेंसियां। बिहार के मोतिहारी अंतर्गत पहाड़पुर थाना क्षेत्र की पश्चिमी सिसवा पंचायत के बंवरिया गांव में एक सनकी ने दिल दहला देनी वाली वारदात को अंजाम दिया है। उसने पत्नी व तीन पुत्रियों को धारदार हथियार से गला काटकर मौत के घाट उतार दिया।
मृतकों में अफरीना खातून (40), उसकी पुत्री अबरून नेशा (14), सबरून नेशा (12) व शहजादी खातून (10) शामिल हैं।
आरोपित इदू मियां चारों शवों को कमरे में एक जगह इकठ्ठा कर रात के अंधेरे में घर से फरार हो गया। सुबह में पड़ोस की महिला इदू मियां के घर गयी, तो कमरे का दृश्य देख अवाक हो गयी।
अफरीना व उसकी तीनों बेटियों का खून से सना शव पड़ा था। वह इदू के घर से तुरंत बाहर निकली।
घटना की सूचना ग्रामीणों को दी। ग्रामीणों ने पुलिस को जानकारी दी। सूचना मिलते ही अरेराज डीएसपी रंजन कुमार, पहाड़पुर थानाध्यक्ष अम्बेश कुमार भारी संख्या में पुलिस बल के साथ पहुंचे।
आस-पड़ोस के लोगों से पूछताछ के बाद चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। डॉग स्क्वायड व एफएसएल की टीम ने भी घटना स्थल पर पहुंच छानबीन की।
आरोपित इदू मियां का खून से सना कपड़ा पुलिस को मिला। इदू मियां की गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी की जा रही है। इतने बड़े जघन्य अपराध को इदू ने क्यों अंजाम दिया। इसका पता फिलहाल नहीं चल सका है।
इधर एक परिवार के चार लोगों की हत्या से इलाके में सनसनी फैली है। बंवरिया गांव में मातम परसा हुआ है। आसपास के थानों की पुलिस बंवरिया में कैंप कर रही है। ग्रामीण कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक इदू मियां ने दो शादी की थी। उसकी पहली शादी हरसिद्धि के चड़रहिया खोरीपाकड़क वार्ड नम्बर सात के मोहम्मदीन की पुत्री बच्चियां देवी के साथ हुई थी। उसे दो पुत्र रइस मियां (24) व रहिम मियां (17) है, जो बाहर में रहकर मजदूरी करते है। बच्चिया की 20 वर्ष पहले मौत हो गयी।
इसके बाद उसने दुसरी शादी पश्चिमी चम्पारण के नौतन झखड़ा निवासी औलदीन मियां की पुत्री अरफरीना से की। उसने पांच बच्चियों को जन्म दिया। एक पुत्री ने प्रेम विवाह कर लिया।
फिर इंदू मियां ने एक बार ट्रेन से तीन पुत्रियों को फेंक दिया, जिसमें एक की मौत हो गयी। इदू के जेल जाने के बाद अफरीना अपनी तीन पुत्रियों के साथ गांव में रहती थी।
ग्रामीण बताते है कि इदू का स्वभाव जल्लाद जैसा था। गांव में किसी से झगड़ा होता था तो वह कहता था कि हमे जानते नहीं हो. बोटी-बोटी काट देंगे।
गांव की औरतों ने बताया कि अफरीना अपने नाम से एनजीओ समूह से लोन लेकर परिवार का खर्चा चलाती थी।
जेल से छूटने के बाद इंदू मियां ने आखिरकार अपनी पत्नी और तीनों बच्चियों को काट डाला।
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