दिल्ली बार्डर पर फिर बढ़ा किसानों का जमावड़ा

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नई दिल्ली। दो दिन में 3 किसानों की मौत की खबर से किसान बौखला गये हैं। इसके बाद से ही किसानों ने दिल्ली से जुड़ी हरियाणा और पंजाब की सीमा पर जमा होने लगे हैं।

शंभू बॉर्डर और खनौरी बॉर्डर पर अस्थि कलश यात्रा के कारण भीड़ में कुछ कमी आ गयी थी। लेकिन दो दिनों में लगातार हुई तीन मौतों से किसानों का गुस्सा एक बार फिर से उबाल पर है।

बता दें कि अस्थि कलश यात्रा भी आंदोलन के दौरान मृत शुभकरण सिंह को श्रद्धांजलि देने के लिए निकाली गई थी। अस्थि कलश यात्रा का आज चौथा दिन है।

रविवार औऱ सोमवार को जिन तीन आंदोलनकारियों की मौत हुई है, उनमें टेहल सिंह का नाम भी शामिल है। वे पंजाब के मानसा जिले के भट्टल के रहने वाले थे।

21 फरवरी को किसानों पर आंसू गैस छोडे जाने के बाद वे घायल हो गये थे और अपने गांव आकर इलाज करा रहे थे।

लेकिन रविवार को उनकी मौत हो गयी। वहीं, शंभू बॉर्डर पर पहले दिन से डटे बलकार सिंह की मौत अमृतसर के निकट हार्ट अटैक से हो गयी।

इसी के साथ शंभू बॉर्डर पर जमे लुधियाना निवासी बिशन सिंह की मौत सोमवार को हो गयी।

इधर, सुप्रीम कोर्ट ने किसान आंदोलन को गैरकानूनी बताने वाली याचिका को खारिज करते हुए इस पर सुनवाई से इनकार कर दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि याचिकाकर्ता को मालूम होना चाहिये कि इस मामले की सुनवाई पंजाब और हरियाणा के हाईकोर्ट में चल रही है, इसलिए याचिकाकर्ता को इसी कोर्ट से संपर्क करना चाहिये।

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