कोलकाता : दार्जीलिंग में चाय बागान मालिकों को दोहरी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। एक तरफ, पश्चिम बंगाल की पहाड़ियों में अपेक्षाकृत उच्च तापमान के साथ-साथ लंबे समय तक शुष्क मौसम के परिणामस्वरूप चालू पहले तुड़ाई सत्र में ‘फसल की कमी’ की स्थिति हो रही है। दूसरी तरफ रूस-यूक्रेन युद्ध से उत्पन्न वैश्विक स्तर पर तनाव के मद्देनजर मांग भी साधारण है।
बागान मालिकों ने कहा कि प्रतिकूल मौसम की स्थिति के कारण, चाय की पत्तियों का मुरझाना और झाड़ियों पर कीटों का हमला भी देखा गया है। मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण मिट्टी की नमी कम हो रही है।
इस मौसम में पारा का स्तर 25 डिग्री सेल्सियस था जो अभूतपूर्व है। इस मौसम में अब तक तोड़ाई के दौरान उत्पादन में 20 से 25 प्रतिशत की कमी आयी है। चाय शोध संघ के सचिव और प्रधान अधिकारी जॉयदीप फूकन ने कहा कि दार्जिलिंग में वर्तमान तापमान 3 से 4 डिग्री सेल्सियस अधिक है। इससे वायुमंडलीय आद्रता कम हो गयी है जो नई टहनियों के विकास में योगदान करती है।







