जमशेदपुर। टाटा पावर कंपनी लिमिटेड की सहायक कंपनी, टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड ने केंद्रीय मंत्रालयों, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारी भवनों पर रूफटॉप सोलर प्रोजेक्ट्स की स्थापना का नेतृत्व करने के लिए एनएचपीसी रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड के साथ एक समझौता किया है।
महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत दिसंबर 2025 तक सरकारी भवनों का 100 प्रतिशत सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य है।
दो प्रभावशाली कंपनियों के बीच की यह साझेदारी सरकारी भवनों की छतों की अभी तक इस्तेमाल में न लायी गयी क्षमता का उपयोग करके भारत के ऊर्जा क्षेत्र में परिवर्तन का समर्थन करना है।
समझौता को लेकर फरीदाबाद में एनएचपीसी ऑफिस कॉम्प्लेक्स में टीपीआरईएल के सीईओ और एमडी दीपेश नंदा और एनएचपीसी-आरईएल के सीईओ एसपी राठौर ने हस्ताक्षर किए।
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) ने आरटीएस परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए एनएचपीसी लिमिटेड को योजना कार्यान्वयन भागीदार (एसआईपी) के रूप में नियुक्त किया है, जिसे इसकी संपूर्ण मालिकी की सहायक कंपनी एनएचपीसी-आरईएल द्वारा कार्यान्वित किया जाएगा। सौर ऊर्जा क्षेत्र की अग्रणी कंपनी टीपीआरईएल इन परियोजनाओं को निर्बाध और समय पर पूरा करने में कुशल है।
टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड के सीईओ और एमडी दीपेश नंदा ने बताया- हम भारत भर में सरकारी भवनों को सौर ऊर्जा से संचालित करने के इस महत्वपूर्ण कार्य में एनएचपीसी-आरईएल के साथ हाथ मिलाकर बहुत खुश हैं।
हमें पूरा भरोसा है कि अपनी संयुक्त शक्तियों का लाभ उठाकर, हम 2025 तक 100 प्रतिशत सौर ऊर्जा के अपने लक्ष्य को पूरा करेंगे। देश में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए यह एक बेंचमार्क बनेगा।
एनएचपीसी के सीएमडी आरपी. गोयल ने कहा – टाटा पावर रिन्यूएबल्स के साथ साझेदारी भारत में अक्षय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाने के हमारे मिशन से पूरी तरह से अनुरूप है।
यह पहल न केवल हमें अपने सौर ऊर्जा लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करेगी, बल्कि सरकारी भवनों के कार्बन फुटप्रिंट को कम करने में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।
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