CBSE board: CBSE बोर्ड में बड़ा बदलाव: स्कूल की मंजूरी के बिना एडिशनल सब्जेक्ट नहीं चुन पाएंगे छात्र

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नई दिल्ली, एजेंसियां। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के लिए अतिरिक्त विषयों को लेकर नए नियम लागू किए हैं। अब छात्र अपनी मर्जी से एडिशनल (अतिरिक्त) विषय नहीं चुन पाएंगे। नए नियमों के अनुसार, कक्षा 10 के छात्रों को अधिकतम 2 अतिरिक्त विषय लेने की अनुमति होगी, जबकि कक्षा 12 के छात्रों के लिए केवल 1 अतिरिक्त विषय चुनने की छूट होगी। इसके साथ ही, छात्रों को इन विषयों की पढ़ाई लगातार दो साल करनी होगी, तभी वे बोर्ड परीक्षा में उस विषय में शामिल हो सकेंगे।

CBSE board: अतिरिक्त विषयों पर नई गाइडलाइन

CBSE ने स्पष्ट किया है कि 10वीं में मुख्य 5 विषयों के अलावा छात्र अधिकतम 2 अतिरिक्त विषय ले सकते हैं। 12वीं में केवल 1 अतिरिक्त विषय ही अनुमति होगी। छात्रों के लिए यह भी जरूरी है कि उन्होंने चुने गए विषयों की पढ़ाई लगातार दो साल की हो—10वीं के लिए 9वीं और 10वीं, और 12वीं के लिए 11वीं और 12वीं। बिना लगातार अध्ययन के, छात्र बोर्ड परीक्षा में उस विषय का विकल्प नहीं चुन पाएंगे।

CBSE board: स्कूल की अनुमति और संसाधन जरूरी

बोर्ड ने यह भी निर्देश दिया है कि कोई स्कूल तभी अतिरिक्त विषय ऑफर कर सकता है जब उसके पास CBSE की अनुमति हो और शिक्षक, लैब, किताबें और अन्य आवश्यक सुविधाएं मौजूद हों। यदि स्कूल ने अनुमति नहीं ली है या संसाधन उपलब्ध नहीं हैं, तो छात्र उस विषय को परीक्षा में नहीं ले सकते।

CBSE board: कम्पार्टमेंट और प्राइवेट कैंडिडेट के लिए विकल्प

यदि कोई छात्र एडिशनल विषय में फेल हो जाता है और उसे कम्पार्टमेंट या एसेंशियल रिपीट दिया गया है, तो वह प्राइवेट परीक्षार्थी के रूप में परीक्षा दोबारा दे सकता है। प्राइवेट कैंडिडेट को किसी स्कूल से जुड़ने की आवश्यकता नहीं होती और वे सीधे बोर्ड परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।

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