ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी पर कानून बना सकते हैं राज्य, केंद्र सरकार ने सदन में दिया बयान [States can make laws on online gaming and betting, Central Government gave a statement in the House]

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नई दिल्ली, एजेंसियां। केंद्र सरकार ने लोकसभा में साफ किया कि ऑनलाइन गेमिंग, सट्टेबाजी और जुए से जुड़े कानून बनाने की जिम्मेदारी राज्यों की है। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को लोकसभा में इस मुद्दे पर डीएमके सांसद दयानिधि मारन के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि संविधान के अनुसार यह राज्य का विषय है।

संविधान के अनुसार राज्यों का अधिकार

लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान डीएमके सांसद दयानिधि मारन ने सरकार से पूछा कि वह ऑनलाइन गेमिंग साइट्स पर प्रतिबंध लगाने को लेकर कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठा रही है? उन्होंने तर्क दिया कि तमिलनाडु सरकार ने पहले ही ऑनलाइन गेमिंग पर प्रतिबंध लगा दिया है और केंद्र को भी इस पर सख्त कदम उठाने चाहिए। सके जवाब में आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि संविधान के अनुसार सट्टेबाजी और जुआ राज्य सूची (लिस्ट टू) में आते हैं, इसलिए इस पर कानून बनाने का अधिकार राज्यों के पास है। उन्होंने कहा कि कृपया संविधान का अध्ययन करें और देश के संघीय ढांचे का सम्मान करें।”

केंद्र सरकार ने अब तक 1,410 गेमिंग साइट्स की बंद

मंत्री ने यह भी बताया कि अब तक 1,410 ऑनलाइन गेमिंग साइट्स पर कार्रवाई की गई है और उन्हें प्रतिबंधित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार भी इस दिशा में कदम उठा रही है, लेकिन कानूनी रूप से यह राज्यों की जिम्मेदारी है कि वे अपने यहां इस पर नियंत्रण रखें।

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