संदेशखली: सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका, लोकसभा समिति की कार्रवाई पर भी रोक

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने संदेशखाली हिंसा मामले से संबंधित याचिका खारिज कर दी है। शीर्ष अदालत ने बीजेपी की सीबीआई से जांच की मांग को नकार दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि संदेशखाली में हिंसा का संज्ञान कोलकाता हाईकोर्ट ने खुद से लिया है।

मामले जांच एसआइटी को करना चाहिये। इसके साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने एक अन्य फैसले में संदेशखाली मामले में संसद की विशेषाधिकार समिति के हस्तक्षेप भी रोक लगा दी है।

इस बीच खबर आ रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही संदेशखाली का दौरा कर सकते हैं। साथ ही, विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी को संदेशखाली जाने की इजाजत कोलकाता हाईकोर्ट से मिल गयी है।

बताते चलें कि बीजेपी की शिकायत के बाद संसद की विशेषाधिकार समिति ने प बंगाल के मुख्य सचिव और DGP के खिलाफ विशेषाधिकार उल्लंघन के तहत कार्रवाई का फैसला किया था।

बीजेपी की ओऱ से आरोप लगाया था कि सांसद सुकांता मजूमदार पर बंगाल में जानलेवा हुआ है। मजूमदार यौन उत्पीड़न की शिकार महिलाओं के प्रदर्शन में शामिल होने के लिए संदेशखाली गये हुए थे।

इसी दौरान पुलिस ने बीजेपी नेता पर लाठी बरसाई। इससे मजूमदार बुरी तरह से घायल हो गये। उनको गंभीर चोटें आयीं और उनको अस्पताल में एडमिट करना पड़ा।

बता दें कि संदेशखाली की कुछ महिलाओं ने टीएमसी नेता शाहजहां शेख और उसके सहयोगियों के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। महिलाओं का आरोप है कि सांसद शेख के सहयोगी इलाके की सुंदर महिलाओं पर नजर रखते हैं।

नौकरी और लालच देकर वे महिलाओं का शोषण और अत्याचार करते हैं। उनका आरोप है कि आंदोलन के दौरान पुलिस ने महिलाओं का साथ देने के बजाये शेख समर्थकों का पक्ष लिया।

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