A. R. Rahman statement controversy: ए.आर. रहमान के बयान पर सलीम मर्चेंट का जवाब, बोले- रामायण में काम मिल रहा है तो भेदभाव कैसे?

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A. R. Rahman statement controversy:

मुंबई, एजेंसियां। फेमस म्यूजिक कंपोजर A. R. Rahman के हालिया बयान के बाद फिल्म इंडस्ट्री में नई बहस छिड़ गई है। दरअसल रहमान ने कुछ समय पहले एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्हें पहले की तरह बॉलीवुड से काम के ऑफर नहीं मिल रहे हैं और इसके पीछे कहीं न कहीं सांप्रदायिक भेदभाव भी एक कारण हो सकता है। अब इस बयान पर मशहूर संगीतकार सलीम मर्चेंट ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।

सलीम मर्चेंट ने क्या कहा

हाल ही में आईएएनएस से बातचीत के दौरान सलीम मर्चेंट ने सबसे पहले रहमान के लिए सम्मान जताया। उन्होंने कहा कि वह रहमान के काम और उनके टैलेंट की हमेशा सराहना करते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके व्यक्तिगत अनुभव के अनुसार फिल्म इंडस्ट्री में इस तरह के सांप्रदायिक भेदभाव की भूमिका उन्हें नजर नहीं आती।

सलीम ने कहा कि हर व्यक्ति का अनुभव अलग हो सकता है और रहमान के साथ क्या हुआ, यह वही बेहतर बता सकते हैं। उन्होंने कहा कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री को एक ही नजर से देखना ठीक नहीं है और उनकी बात सिर्फ उनकी व्यक्तिगत राय है।

‘रामायण’ का दिया उदाहरण

सलीम मर्चेंट ने अपने बयान में रहमान के एक बड़े प्रोजेक्ट का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अगर A. R. रहमान को भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक मानी जा रही फिल्म रामायण के लिए संगीत देने का मौका मिल रहा है, तो यह मानना मुश्किल है कि उनके साथ किसी तरह का सांप्रदायिक पक्षपात किया जा रहा है।उनके मुताबिक, ‘रामायण’ जैसे हिंदू पौराणिक विषय पर आधारित प्रोजेक्ट में रहमान को संगीतकार के रूप में चुना जाना इस बात का उदाहरण है कि इंडस्ट्री टैलेंट को प्राथमिकता देती है, न कि किसी की धार्मिक पहचान को।

रहमान के बयान से शुरू हुई बहस

दरअसल यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब A. R. रहमान ने BBC Asian Network को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि पहले की तुलना में उन्हें बॉलीवुड में कम ऑफर मिल रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ फैसले ऐसे लोगों के हाथ में हैं जो क्रिएटिव नहीं हैं और कई बार चीजें उनके हाथ से निकल जाती हैं।हालांकि बाद में बढ़ती बहस और आलोचनाओं के बीच रहमान ने एक वीडियो संदेश जारी कर अपने इरादे साफ किए। उन्होंने कहा कि उनका मकसद किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। रहमान ने यह भी कहा कि संगीत हमेशा से उनके लिए विभिन्न संस्कृतियों को जोड़ने का माध्यम रहा है और भारत उनके लिए प्रेरणा, शिक्षक और घर जैसा है।

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