Ram mandir: राम जन्मभूमि मंदिर परिसर में शुरू हुए आधुनिक लॉकर रूम, 50 हजार श्रद्धालुओं को मिलेगी राहत

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PM at Shri Ram Janmbhoomi Mandir Dhwajarohan Utsav, in Ayodhya, Uttar Pradesh on November 25, 2025.

Ram mandir:

लखनऊ, एजेंसियां। रामलला के दर्शन के लिए देशभर से उमड़ रही भारी भीड़ के बीच श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने मंदिर परिसर में आधुनिक लॉकर रूम की नई व्यवस्था शुरू कर दी है। इस पहल के तहत एक साथ करीब 50 हजार श्रद्धालु अपने जूते-चप्पल, बैग और अन्य सामान सुरक्षित रूप से जमा कर सकेंगे।

बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या और भीड़ प्रबंधन की चुनौती को देखते हुए परिसर में चार अलग-अलग स्थानों पर अत्याधुनिक लॉकर रूम बनाए गए हैं। प्राण प्रतिष्ठा के बाद से प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे हैं, जिसके चलते पहले सामान रखने और उसकी सुरक्षा को लेकर काफी दिक्कतें सामने आ रही थीं। नई व्यवस्था से इन समस्याओं में काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।

टोकन सिस्टम से पारदर्शी और सुरक्षित व्यवस्था

प्रत्येक लॉकर रूम में टोकन आधारित प्रणाली लागू की गई है, जिससे सामान जमा करने और वापस लेने की प्रक्रिया सुव्यवस्थित और पारदर्शी रहेगी। श्रद्धालुओं को सामान जमा करते समय टोकन दिया जाएगा, जिसे दिखाकर वे अपना सामान वापस प्राप्त कर सकेंगे। इससे अव्यवस्था और भ्रम की स्थिति से बचाव होगा।
इसके साथ ही सभी लॉकर रूम पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है। सीसीटीवी निगरानी और सुव्यवस्थित प्रवेश-निकास व्यवस्था के जरिए सुरक्षा को और मजबूत किया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की आशंका न रहे।

भीड़ प्रबंधन में अहम कदम

मंदिर परिसर में शू रैक का कार्य भी लगभग 90 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है, जिससे दर्शनार्थियों को और अधिक सुविधा मिलेगी। यह नई व्यवस्था भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा प्रबंधन के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।विश्व हिंदू परिषद के प्रांतीय मीडिया प्रभारी और राम मंदिर ट्रस्ट के सहयोगी शरद शर्मा ने बताया कि ट्रस्ट लगातार श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव देने के लिए सुविधाओं का विस्तार कर रहा है। उन्होंने कहा कि लॉकर सुविधा शुरू होने से श्रद्धालुओं को अपने सामान की सुरक्षा को लेकर चिंता नहीं करनी पड़ेगी और दर्शन प्रक्रिया अधिक सुगम व व्यवस्थित हो सकेगी।
नई व्यवस्था को श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है, खासकर त्योहारों और विशेष अवसरों पर जब भीड़ कई गुना बढ़ जाती है।

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